कारगिल गाथा

मनोरमा जैन ‘पाखी’ भिंड(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. कालचक्र बोल रहा हूँ। मैं समय चक्र हूँ,निरन्तर गतिमान। आज फिर किसी ने मुझे पकड़ने की कोशिश की,पर मैं समय हूँ,अपनी गति से चलता हुआ। अपने सीने में सैकड़ों राज दफ़न किये बढ़ा चला जा रहा हूँ।हजारों हार-जीत देख चुका हूँ,पर कदम नहीं हारे….अनवरत् मैं … Read more

जीत की खुमारी

कार्तिकेय त्रिपाठी ‘राम’ इन्दौर मध्यप्रदेश) ********************************************* कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. आसमां पर है तिरंगा जो जमीं से छा गया, जीत की थी जो खुमारी सब पे नशा छा गया। ढूंढते थे जो रवानी बाजूओं में दम भी था, दुश्मनों की छातियों को रौंदने का जज्बा उनके मन में था। जिसने भी मेरी धरा को … Read more

शहीदों को नमन

वन्दना शर्मा अजमेर (राजस्थान) *********************************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. आज लेखनी तड़प उठी है, भीषण नरसंहार देखकर। क्रोध प्रकट कर रही है अपना, ज्वालामुखी अंगार उगलकर। दवात फोड़कर निकली स्याही, तलवारों पर धार दे रही। कलम सुभटिनी खड्ग खप्पर ले, रणचण्डी सम हुँकार दे रही। जीभ प्यास से लटक रही, बैरी का शोणित पीने … Read more

कारगिल

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. हीरे हजारों बिखरे टूटी असंख्य माला, गीले हुए तन कितने देखा सभी ने जाना अखबारों की भूख बदी थी हर दिन नया चेहरा था, मकसद वही पुराना,हीरे हजारों…। रोती है आज मिट्टी रोता हुआ अब गगन है, टूटी जब खिली कली तो रोया बहुत … Read more

हर घाटी पर तिरंगा लहराएंगें

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. चलो आज फिर यादें ताज़ा कर जाते हैं, पाकिस्तान के धोखे की कहानी, नापाक मांग कश्मीर की जुबानी सुनाते हैं। वो वादियां थी कारगिल की सुहानी, जब खून भी सूख के हो जाए पानी। ४७.५ तापमान की डिग्री फिर नहीं लगती लुभावनी, चलो बताते हैं … Read more

देशभक्ति

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. मन में देशभक्ति की भावना रहे, दिल में देशहित की कामना रहे। शहीदों की कुर्बानी हमें याद रहे, उनके कर्मों का बखान हम करें। अमर जवान ज्योति सरताज रहे, इस तरह उनका मान बरकरार रहे। उनके इतिहास पर हमें नाज रहे, उनसे प्रेरणा ले समर्पण … Read more

सबक सिखा दो…

बिनोद कुमार महतो ‘हंसौड़ा’ दरभंगा(बिहार) ********************************************************************* कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. आतंकवादियों को भेज सदा, तंग करता रहता पाकिस्तान। घुसपैठियों को सबक सिखा दो, ऐ भारत के वीर जवान। आपस में हो भाईचारा,नहीं किसी से कोई क्लेशl अटल बिहारी गए लाहौर को,लेकर शांति का संदेशll मगर शरीफ न रहे सरीफ,स्वार्थ के वृक्ष को रोप दिया। … Read more

पाशविकता है कलुषता

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** कलुषता का शाब्दिक अर्थ है अपवित्रताl इस अपवित्रता या कलुषता का संबंध बाह्य व्यक्तित्व की शारीरिक बनावट या कुरूपता की देहावस्था से नहीं है,इसका संबंध बुरे-भले कृत्यों की आवरण कथा में घनीभूत और रहस्यमयी हो चुका हैl जीवन के अनेक क्षेत्रों में कलुषता परिमार्जित होकर श्रेष्ठता का … Read more

सबसे पहले हिन्दुस्तान

दीपक शर्मा जौनपुर(उत्तर प्रदेश) ************************************************* कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. समस्या है आतंकवाद की नक्सल,घुसपैठ,सीमा विवाद का, हिंदी-हिन्दू-हिन्दुस्तान के लिए चुनौती है नौजवान के लिएl हमेशा सतर्क सावधान रहना है सीमा पे सीना तान रहना है, मुझे मुल्क़ पे अभिमान है दिल में सिर्फ हिन्दुस्तान हैl ग़ैर मुल्क से कोई प्रहार न आने देंगे उग्रवादियों … Read more

पराक्रम

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. पड़ जाता है मक्कारों से, जब भी पाला पता नहीं अंधेरा, कब हो जाये। निगल जाये दानव, मानवता युग सारा धोखा छल प्रपंच, शक्ति और सहारा झूठ-फरेब, द्वेष-दंभ हथियार।। नीयत का शैतान, रिश्तोें के रस में जहर घोलता। नित-नये पाखण्ड करता, अपने ही जन-जन … Read more