संविधान के आँगन में गंदगी की बुहार
डाॅ.देवेन्द्र जोशी उज्जैन(मध्यप्रदेश) ******************************************************************** सुबह का भूला शाम घर लौट आए तो उसे भूला नहीं कहते, पछताना उन्हें ही पडता है जो समय-धार संग नहीं बहते। गलती अगर हुई तो समय रहते सुधार लेने में ही है हमझदारी, ये उस कर्ज का है चुकारा जो रही पूर्वजों की हमारे सर उधारी। उस समय वो जरूरी … Read more