तीज पर्व

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** खेतों में हरियाली छाई,बागों में बहार आई, तीज की हरियाली,दिलों में प्रेम की मस्ती छाई। आई तीज बो गई बीज,झोली खुशियों से भर लाई, बागों में झूले पड़ गए,पक गई कच्ची अमियाँ… घर आ जा परदेशी,राह निहारे एक जोगनिया। शिव की चाहत पार्वती मैया,मैया की चाहत शिव, तपस्या हुई पूर्ण है,पार्वती … Read more

विरह

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* कैसे जाऊं भरने गागर, मन की गगरी रीती है। विरह अग्न में विरहन को, पल लगे सदियां बीती है। झर गये पत्ते आशाओं के, सूखा जीवन पतझर-सा, लगे है जैसे विष विरह का साँस-साँस में पीती है। याद में तेरी गीली लकड़ी, बन जैसे सुलगती है, न जलती न बुझती … Read more

दोस्ती बनाए रखना

अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** ४ अगस्त मित्रता दिवस विशेष……….. अँधेरे हो या उजाले,खुशियों से निभाए रखना, वक्त कैसा भी गुजरे,दोस्ती बनाए रखना। तेरा-मेरा वजूद,भले मुखतलिफ तो हो तो, आपके हाथ है,इसे एक दिल बनाए रखना। और भी चलेंगे,हमसाए तो आपके साथ कई, मर्जी आपकी कि,हमें परछाई बनाए रखना। दोस्त तो कई मिलते हैं,जीवन के … Read more

इन्तज़ार

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** ज़िंदगानी के सफ़र में एक अजब राही हैं हम, पास आई ठुकरा दी मंजिल,और फिर ढूंढा किए। उनकी गली से यूँ तो,हम हैं गुजरे बेशुमार, उनके घर के सामने,उनका पता पूछा किए। इस सादगी पर उनकी,मैं क्या कहूं कोई कहे, गैर की चर्चा वह मेरे सामने किया किए। साथ वो … Read more

माँ

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** ओ…माँ…,ओ….माँ….,ओ…माँ…,ओ…माँ…..। तू मेरा जीवन है, तू मेरा तन-मन है। तुझी से धड़कन है, ओ…माँ…,ओ…माँ…। ओ…माँ…,ओ…माँ…ll मुझमें ही देखा सुख अपना,तूने न देखा दु:ख कोई अपना, मेरी खुशियों की खातिर देखा,जागती आँखों से सपना। मेरे हर दु:ख में तेरी ये आँखें बही। मेरी नींदों के लिये ये रातों में … Read more

सृष्टि की अनमोल कृति हूँ

रेनू सिंघल लखनऊ (उत्तर प्रदेश) ******************************************************************** मैं अभिव्यक्ति हूँ, गूँथ कर शब्दों के मोती मन के भाव पिरोती हूँ, एहसासों से हृदय आसन पर श्रृंगार सृजन का करती हूँl मैं ही कविता,मैं ही गीत, मैं ग़ज़ल कहलाती हूँ धड़कन की हर लय ताल पर, जीवन राग सुनाती हूँ साँसों से जुड़ी है सरगम, प्रेम राग … Read more

दौर

नेहा लिम्बोदिया इंदौर(मध्यप्रदेश) ********************************************************** दौर-दौर की बात अलग है, दौर-दौर के रंग निराले। दौर-दौर के ठाट अनूठे, दौर-दौर की फ़िज़ा अलबेली। दौर-दौर के रूप अनोखे, दौर-दौर से चलती दुनिया। दौर-दौर का अपना मजा है, दौर-दौर को जी लो यारों। करो कर्म-परिश्रम जमकर तुम, दौर-दौर को अपना बना लोll

मेरा रफ़ीक

दृष्टि भानुशाली नवी मुंबई(महाराष्ट्र)  **************************************************************** हयात की एक ह़कीकत सुनो, मसरूफ़ हैं सब अपनी जिंदगी में। हसीन लम्हों में सब होंगे साथ, अलविदा कहेंगे वक्त-ए-गर्दिशों में। गर्दिश वक्त में एहसास हुआ, कोई भी मेरे साथ न था। तब कल्ब ने दिया दिलासा कि, मेरा रफ़ीक,मेरा आशना, मेरा हमदम मेरे साथ था॥ साथ था केवल उस … Read more

इस देश न आना लाडो

दिप्तेश तिवारी दिप रेवा (मध्यप्रदेश) **************************************************** नव पल्लवित कोमल कली अभी खिली नहीं थी क्यारी में, उजास अभी हुआ नहीं था,कुचक्र रचा अंधियारी ने। माली बस कर ममता से रोप रहा था पौधों को, तभी न जाने किस दानव ने रौंद दिया घरौंदों को। खुशियों से भरी हुई थी संसार समाया देखूंगी, खेल-कूद मस्ती और सतरंगी … Read more

बादल

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** अच्छे बादल सच्चे लगते। इधर उधर मतवारे उड़ते॥ सूरज को ढकने फिर आते। झुंड बना कर दौड़ लगाते॥ आपस में देखो टकराते। दाँत भींचते फिर लड़ जाते॥ रिमझिम-रिमझिम पानी बरसे। बादल मन धरती पर तरसे॥ आओ मिलकर साथी खेलें। बादल की बूंदों को झेले॥ झट-पट कपड़े अपने … Read more