है कैसी बरसात

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ******************************************************************************—- मौसम है बहारों का, रिमझिम-सी फुहारों का तेरी-मेरी बातों का, प्यार भरी मुलाकातों का उभरते जज्बातों का…l मौसम है… छोड़ो सारे गिले-शिकवे, बरखा की बूंदों से मिलेl पत्ते-पत्ते डाली-डाली, कैसे झूम-झूम के मिलेl हाँ मौसम इनसे मिलने का हसरत भरी निगाहों का…। मौसम है… तेरी-मेरी कहानी हो, कुछ यादें पुरानी होl … Read more

आज स्वर्ग में भी क्या नजारा होगा..

संजय बाद्विक ********************************************************** जब सुषमा जी ने अटल जी को बताया होगा कि देश की बेटी उनके स्वप्नों को साकार करके उनके पास पहुँची है, भैया मैं वही सुषमा जिसको संसद में मंत्री का सम्मान दिया,राजनीति के गुरुवर बन कर देशधर्म का ज्ञान दिया। हाँ हाँ भैया वही,वही,जो हर दिन मिथक तोड़ती थी। हाँ जो … Read more

अनुपम व्यक्तित्व

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* इस धरा में पैदा हुए, हैं अनुपम व्यक्तित्व जो उन्हें सलाम करते हैं हम, अपनी छाप छोड़ गए जो। है जूनून जिनमें यहां, लक्ष्य भेद देते हैं वो इस धरा की माटी में, रोज पैदा होते हैं वो। करते हैं विश्वास खुद पे, ऐसा काम करते हैं वो अब्दुल … Read more

कश्मीर से दुनिया में नाम किया

हरीश बिष्ट अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) ******************************************************************************** कश्मीर आजाद हुआ, खतम फसाद हुआ, कश्मीर को सभी मिल, राह नई दीजिएl मोदी जी ने काम किया, दुनिया में नाम किया, शाह का भी सभी लोग, धन्यवाद कीजिएl दोहरी खुशी है मिली, बाँछें हैं सभी की खिली, भर-भर खुशियों के, जाम सभी पीजिएl चहुँओर शांति कर, विकास की क्रांति … Read more

कुछ पाने के लिए..

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** हारना भी जरूरी है,बाज़ी जीतने के लिए, खोना पड़ता है बहुत,कुछ पाने के लिए। मर-मर के कमाता है,लेकर जाएगा क्या, पहचान तो कुछ छोड़,जमाने के लिए। सीखना है चलना तो हवा में मत उड़, ठोकर भी जरूरी है,संभलने के लिए। उजाड़ना जिनकी फितरत,वो क्या जाने, वक्त बहुत लगता है,घर … Read more

‘सुषमा’ की आभा

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* हँसते-मुस्कुराते हुए ही स्वत: बंधन मुक्त किया स्वयं को, लगता मानो कहीं थी प्रतीक्षा अलौकिक में विलीन होने को। नहीं अनभिज्ञ अपने क्षणों से करती रही कर्म बिना विश्राम, दृढ़ मीठी भाषा निरन्तर प्रवाह आदर्श जीवन में कुछ देने को। सुषमा बिखेरती रही आभा छल-छल गंगा यमुना सरस्वती, … Read more

तू ही भगवान है

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** कहीं खो न जाए, तेरी हसरतों में तेरे संग चलते-चलते, मचलते। जमाने की यादों में हमीं न पाऊँ तेरे कारवाँ को, सजाते बनाते। हमें गुमाँ है, तू ही मेरी जान है तुझसे ही मेरे, जिंदगी के अरमाँ अंदाज है, कहीं दम ना निकले तेरी धड़कनों से। तू ही आदमी … Read more

नया सबेरा

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** कश्मीर से कन्याकुमारी, बन गई एक फुलवारी। एक हो गए अब नर-नारी, गूंजेगी खुशियों की किलकारी। जो रखेंगे नापाक इरादे, मिट जायेगी उनकी मक्कारी। कश्मीर की बात हो गई न्यारी, होगी चहुँओर मुस्कान प्यारी। न तेरा है,न मेरा है ये तो, हिंदुस्तान का नया सबेरा हैll परिचय –अनिल कसेर का … Read more

वो अब बहुत गुमान में है

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** नदी अब बहुत गुमान में है, कि वो आजकल उफ़ान में हैl ग़रीब तो आज भी फुटपाथ पर सोते हैं, अमीरजादे तो अंदर अपने मकान में हैंl जमीं से तो उनका रिश्ता ही टूट गया है, अब तो उनका सारा ध्यान आसमान में हैl रंग बदलने की फितरत अब गिरगिट … Read more

केसर वाली घाटी

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* केसर वाली घाटी अब तक जो रक्तरंजित हुई थी, धारा तीन सौ सत्तर जो सत्तर साल से लगी हुई थी। इसके साए में कुछ कुपुत्र जीवन का लुफ्त उठाते थे, आतंकी अत्याचार प्रयोग कर भोली जनता को डराते थे। पाँच अगस्त दो हजार उन्नीस को एक नया अवतार हुआ, परम् … Read more