अपने

मानकदास मानिकपुरी ‘ मानक छत्तीसगढ़िया’  महासमुंद(छत्तीसगढ़)  *********************************************************************** निज भाषा,निज धर्म को समझो, गुरु भी यही सिखाते हैं। गैरों के आचरण भी कभी-कभी, खुद को नीचा दिखाते हैंll जो अपने को छोड़,गैरों के हो जाते हैं, ना ओ गैरों के होते है ना अपने रह पाते हैं। कटता है जीवन कष्ट और तिरस्कार में, न इधर … Read more

जीवन

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* धीरे-धीरे गुजर रहा था जीवन, फूलों-सा महक रहा था जीवन हँसता-खिलखिलाता-सा था जीवन, जितना था उसी में था खुश जीवनl अपने में मिसरी-सा घुला था जीवन, स्वच्छन्द और छोटी उड़ानों वाला था जीवन, निर्भीक और उत्साहित था जीवन संगीतमय लग रहा था ये जीवनl भक्ति आराधना में भी था … Read more

मतदान करें

गरिमा पंत लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** आओ मतदान करें, फिर से बदलाव करें। लोकतंत्र की हो रही है शादी, हम सब बन जाएं बाराती। वोट हमें डालना है जरुरी, कोई शिकायत न रहे अधूरी। हम सबको जगाना है, मतदान सबको कराना है। अब तो जग जाओ तुम सब, केवल वोट पर चर्चा न करें। हवा बदलाव की … Read more

एक और अनेक

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** आओ भाई हम सब भाई, माला आज बनायेंगे। मालाओं को पहन गले में, एक रूप बन जायेगें हम मातृभाषा अपनाएंगे। फूल हमारे खुशबू वाले, बागों की सुन्दरता वाले। इसी भांति सुन्दर-सुन्दर से, हम कर्त्तव्य दिखाएगें हम राष्ट्रभाषा अपनाएंगे। सुई-धागे हाथ जुटाकर, अपने-अपने फूल सजाकर नीलेपीले सभी गूंथ कर, मन की … Read more

मुझे मत रोको,मत टोको,मुझे आने दो…

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** माँ! मुझे मत रोको,मत टोको, मुझे आने दो। माँ! मैं तुम्हारा ही प्रतिबिंब हूँ, तुम्हारे आदर्शों का ही रूप हूँ। मुझे अपनी भावनाओं को उबारना है, तुम्हारे गुणों को निखारना है एक आदर्श महिला बनकर, जग को सशक्तता का संदेश देना है। माँ! मुझे मत रोको,मत टोको, मुझे आने दोll … Read more

तेरा ही अंश हूँ

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** माँ मैं तेरा ही अंश हूँ, मुझे इस दुनिया में अब आने दो माँl कुछ नहीं चाहिए, बस प्यार तेरा चाहिए मुझे अपने आँचल में, अब छिपा लो माँl मैं सहमी-सी तेरी, नन्हीं कली मेरा कसूर क्या है माँ ? मेरी साँसों को बचा लो माँl मैं बोझ नहीं हूँ … Read more

ऐसी क्या गलती की…

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ दिये तो बहुत थे पर, जल कुछ और रहा था। अंधरे में रोशनी, वो ही कर रहा था। अब कैसे पता करें हम ? जिक्र जब भी उनका, करते अपने दिल में। याद कुछ और ही, दिला देता ये दिल। अब क्या कहोगे इसे, तुम कुछ तो बता दो। बात जो … Read more

ये पागल कौन मुआ है

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ********************************************************************* जो भी जी चाहे वो मिल जाये,ऐसा भी कहीं हुआ है हवा भी हवा हो जाती है,जिसने तो सबको छुआ हैl राख हो जाती है हर चीज,गर छू लेती है आग उनको इस दौड़ में सम्हाल खुद को,इधर खाई उधर कुंआ है। चालाक मौसीयों को,घंटी बांधने की ना कर कोशिश, … Read more

बेटियाँ

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** एक मजदूर की बेटी, जब स्कूल जाने की इच्छा जताती है उस रात पिता को नींद नहीं आती है, पहुंचाते हुए बेटी को स्कूल दिखाई पड़तीं हैं उबड़-खाबड़ रास्तों से, रफ्तार से गुज़रती बैने,मोटरसाइकिलें कि हिल जाता है पिता अपनी जगह से, और एक अमीर की बेटी बगैर … Read more

चुनाव

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** सत्यता की शपथ वह खाने लगे हैं, जबसे चुनाव करीब आने लगे हैं। फिर वादों का अंबार होगा, फिर माइक पे एलान होगा फिर एक दूजे पे लांछन लगाने लगे हैं। जबसे चुनाव करीब… सत्ता इन पर अजब है नशा, राजनीति के अखाड़े में बुरी है दशा। वह कुर्सी के चक्कर … Read more