अभिनंदन जी का अभिनंदन

श्रीकृष्ण शुक्ल मुरादाबाद(उत्तरप्रदेश)  ***************************************************************** तुम सीमाओं को लाँघ गए,अरि विमान का करने मर्दन, तुम किंचित भी भयभीत न थे,हे वीर तुम्हारा अभिनंदन। तुम छोटे से विमान पर थे,सम्मुख था उन्नत वायुयान, पर तुममें था साहस अदम्य,वो किया ध्वस्त तुमने विमान। कायरता के सर पर चढ़कर,तुमने कर डाला घोर दमन, हे वीर तुम्हारा अभिनंदन॥ तुम दुश्मन … Read more

मोटे हो गये

डॉ.जियाउर रहमान जाफरी नालंदा (बिहार) *********************************************************************** खाये इतना सुबह से शाम, मोटे हो गये पतलूराम। नहीं ज़रा-सा अब चल पाते, बैठे-बैठे बस सो जाते। जहां कभी भी वो घर से निकले, पूरा जिस्म कमर से निकले। फिर भी कम कुछ हुआ न खाना, हर शादी में लाज़िम जाना। माँ जब कहती कम कुछ खाओ, दौड़ो … Read more

मेरी पाक मुहब्बत..

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) *************************************** वो मेरी तस्वीर को, सीने से लगाकर मुहब्बत करती रही। पर मेरे सामने अपनी, मुहब्बत का इजहार करने से डरती रही॥ रची हुई हाथों की मेहंदी से, मेरे नाम की खुशबू बिखरती रही॥ वो पगली हर रोज, आईने के सामने मेरी याद में संवरती रही॥ देखकर किसी को, इश्क-ए-राह … Read more

दस्तक

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* न जाने क्यों ? आज मेरी नींद भटक रही है, तेरी यादों की गलियों में। ढूंढ रही है शायद वो गुज़रे लम्हें, जो गुज़ारे थे कभी साथ तेरे। वो सुबह-सुबह तेरे ख़्यालों की दस्तक, जगाती थी हमें। और वो तेरे हसीन ख़्वाब, सुलाते थे हमें। अब वो ख़्याल न रहे, … Read more

खत्म करो वो धाराएँ…

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** समय की धारा हर पल बहती मानव के अनुकूल, तीन सौ सत्तर कैसी धारा’ बहे सदा प्रतिकूल। जो है निरर्थक नहीं देशहित पैदा करे दुराव, खत्म करो वो धाराएँ जो नहीं राष्ट्र अनुकूल॥ व्याधियों से लड़ते-लड़ते बीते सत्तर साल, बनकर दीमक चाट रहे जो वही बजाते गाल। जुबां खोलने से … Read more

अभिनंदन का अभिनंदन

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** ‘अभिनंदन’ का अभिनंदन है, ऐ वीर तुम्हारा वंदन है। दैत्यों के चंगुल में रहकर भी, तुमने,साहस का किया ना खंडन है। ऐ वीर तुम्हारा वंदन है… अभिनंदन का अभिनंदन है॥ रहकर सर्पों के बीच में, मूँछों को तनिक न झुकने दिया॥ कहकर भारत माता की जय, जिसने वीरता का परिचय … Read more

अभिनंदन का अभिनंदन

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** हे भारत के धीर-वीर,वायुवीर अभिन्दन वीर तुझे सलाम, हम सब करते हैं सलाम। हे धीर-वीर वायुवीर तुझे सलाम, प्रताप तुम्हारा,चहुंओर तुम्हारा। है प्रसिद्ध जगत उजियारा, आंतकवाद का करो सफाया। भारत माँ के काज संवारे, मानवता के हो तुम प्यारे। सब सुरक्षित हो तुम्हारी शरणा, तमु रक्षक काहू डरना। शौर्य तुम्हारा सबके … Read more

जीना इसी का नाम है

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** ना डर के जीए, ना घबराए साहस के साथ डटे रहे, सीना ताने खड़े रहे। दुश्मनों का सामना कर, उनके छक्के छुड़ाए गर्व से सिर उठाए, अपनी बातों को बिना बताए नापाक इरादों को परस्त कर, उनको झुकने पर मजबूर कर अपने घर लौट आए। ऐसे सच्चे देशभक्त का, अभिनंदन है … Read more

भारत का सपूत

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** ये सपूत है भारत का, करते हैं नमन अभिनन्दन का मौत को मातम दे आए, सारे जहाँ की खुशियां ले आए। दुश्मन को सबक सिखा आए, नापाक इरादों को मुँहतोड़ जबाब दे आए, देश का सम्मान बचा लाए। नहीं तो ये है डरने वाले, नहीं तो ये है झुकने वाले उन्हीं … Read more

उमँग

श्रीमती राजेश्वरी जोशी ‘आर्द्रा’  अजमेर(राजस्थान) *************************************************** मुद्द्त से बंद हूँ कलियों में, खुशबू बन बिखर जाने दो। खोई आसमां की ऊँचाईयों में, मुझे बादल बन बरस जाने दो। क़ैद हूँ हिम शिखरों में अनंत से, निर्झर-सा झरना बह जाने दो। पिंजरे में बंद फड़फड़ाती रही, नभ में पंछी बन उड़ जाने दो। कसमसाती उम्मीदें उम्रभर, … Read more