संकल्प लें कि, परिचय-हस्ताक्षर कम से कम हिन्दी में रखेंगे
उज्जैन (मप्र)। हिन्दी एक प्रवाहित महानदी- सी है, जिसमें अन्य भाषाओं की धाराएँ भी हिन्दी के अपने स्वरूप में समाहित हो जाती हैं। ‘हिन्दी दिवस’ पर हम सब संकल्प लें कि, अपनी पहचान, परिचय व हस्ताक्षर कम से कम हिन्दी में रखेंगे। यह विचार हिन्दी साहित्य भारती मप्र की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. स्नेहलता श्रीवास्तव (इन्दौर) ने … Read more