लेखन में लोकहित की भावना अवश्य होनी चाहिए
स्मरण… इंदौर (मप्र)। लेखन में लोकहित की भावना अवश्य रहनी चाहिए और वही साहित्य चिरंतन होता है। इस कसौटी पर कुबेरनाथ जी पूर्णत खरे साबित हुए।श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति द्वारा प्रारंभ की गई कालजयी साहित्यकार स्मरण की १०वीं श्रृंखला में इस बार ललित निबंधकार कुबेरनाथ राय के साहित्यिक कृतित्व पर चर्चा में यह विचार … Read more