अनुत्तरित लहरें
डॉ.हेमलता तिवारी भोपाल(मध्य प्रदेश) ********************************************************** अनु तेजी से सोचती जा रही थी। माथे पर पड़ी शिकन साफ बता रही थी कि समस्या बहुत उलझी हुई है। अचानक खीज उठी..ये बस भी कितनी धीमी चल रही है,मगर बस धीमी चल कहाँ रही थी,वह तो अनु का दिमाग़ तेज़ गति से चल रहा था। जैसे-जैसे विजय का … Read more