कान्हा तेरा शुक्रिया

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* जिंदगी में श्याम जी ने सब कुछ दिया, तेरा शुक्रिया कान्हा,तेरा शुक्रिया। बचपन में माँ गोद दिया, सर पे पिता का साया भाई-बहन का प्यार दिया, कैसी प्रभु तेरी माया। घर आँगन चौबारा श्याम जी क्या नहीं दिया। तेरा शुक्रिया कान्हा,तेरा शुक्रियाll ज्ञानभरा संसार दिया, गुरुवर चरण का भान तुम्हीं … Read more

चौकीदारी

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** चौकीदार की चौकीदारी ने कमाल कर दिया, नव उदित भारत का निर्माण कर दिया। चौकीदार की चौकीदारी ने, विश्व में परचम अपना लहराया है योग भारत का विश्वभर में फहराया है। योग दिवस की हुई घोषणा यूएस के आँगन में, चौकीदार की चौकीदारी ने कमाल कर दियाl नव उदित भारत का … Read more

संस्कृति का नव-वर्ष

हेमलता पालीवाल ‘हेमा’ उदयपुर (राजस्थान ) *************************************************** हिन्दुत्व का नव-वर्ष है, संस्कृति का उत्कर्ष है। नव पराग हुए अंकुरित, पुष्प हो गए सुगंधित चंहुओर उमंग,हर्ष हैl हिन्दुत्व का नव-वर्ष है, संस्कृति का उत्कर्ष है। श्रीराम,हनुमान का प्राकृट्य है, महापुरुषों का अवतरण है नव प्रभात का श्रीगणेश हैl हिन्दुत्व का नव-वर्ष है, संस्कृति का उत्कर्ष है। … Read more

न आए तुम…

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** तमाम उम्र हाय तमाम उम्र, गुजार दी मैंने तेरे ही इंतज़ार में, ओये न आये तुम। ओये न आये तुम, लम्हों बहार में॥ ख्वाबों की हकीकत, के दस्तक से दिल में तेरे दिल में, मुहब्बत बिखेरता हर सुबह-शाम तेरे ही इंतज़ार में॥ तन्हा ज़िन्दगी के कोई शिकवा गिला नहीं, … Read more

बिटिया हूँ आपकी

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** पापा,मैं बिटिया हूँ आपकी, मम्मी,मैं बिटिया हूँ आपकी। मैं रिश्तो में बंधी हुई, सुंदरता से सजी हुई। सपने बहुत संजोए हैं, बीज खुशी के बोये हैं। बेटा न सही,बेटी हूँ मैं आपकी, पढ़-लिख कर मैं शान बनूंगी आपकी॥ अभी मैं नहीं गुड़िया हूँ, घर की सुंदर बगिया हूँ। भैया की … Read more

प्रतिपदा नव वर्ष

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* हे मातु भवानी हे जगकल्याणी, महर तुम्हारी माँ आँचल भर दे। हे जन्मदात्री हे सुखदायिनी, तू मेरी माते अब मंगल कर दे। विद्या विवेक शक्ति है तुमसे, हृदय मेरे तेरी भक्ति भर दे। मातु वरदायिनी हो कृपासिंधु, मन व्याकुल माँ संकल्प भर दे। तुम्हीं सर्वव्यापी जीवनदायिनी, नयनों मे … Read more

नव वर्ष

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* (रचना शिल्प:विधान-११२१२ ११२१२ ११,२१२ ११२१२ १६,१२ मात्रा पर यति,चार चरणों का एक छंद,चारों चरण सम तुकांत) लगि चैत माह मने नया सन, सम्वती मय हर्ष है। फसले पकें खलिहान हो, तब ही सखे नव वर्ष है। परिणाम की,जब आस में बटु, धारता उतकर्ष है। मम कामना मनभावना यह, पर्व हो प्रतिवर्ष … Read more

कभी सोचा न था…

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* हर रिश्ते से बँधी थी पर कोई भी रिश्ता मेरा न था, रिश्तों में फासले तो थे पर वे इतने खौफनाक भी हो सकते हैं, कभी सोचा न था। हमसफर बनाया था जिसे, हमसफर तो था, पर साथी न बन सका। रहते थे इक मकां में पत्थर की तरह क्योंकि वो … Read more

माँ का नूर हो जाओ

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** चलो हटो तुम मेरी नजरों से दूर हो जाओ। फिर औकात में रहो या मगरूर हो जाओ। मेरी हस्ती मिटाने वालों सोचो समझो जरा, मुझे मिटाने हेतु ना कहीं चूर-चूर हो जाओ। तुम्हारी यातनाओं की आग में बहुत जला, अब अमृत बनो या क्रूर से क्रूर हो … Read more

कोई शिकवा नहीं ज़माने से

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** यार उसने मुझे सताया है, मैंने दिल में जिसे बिठाया हैl उसका हँसना सुकून देता क्यूँ, रोज जिसने मुझे रुलाया हैl दूर जायेगा मेरी नज़रों से, वह जो इतने करीब आया हैl कोई शिकवा नहीं ज़माने से, चोट खाता हूँ,चोट खाया हैl याद जिसकी रुला रही है मुझे, कैसे … Read more