शिक्षक की व्यथा

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** कब तक अश्क बहाऊँ मैं, परिवार को भूखे सुलाऊँ मैंl मन में लगी है आग, किसको-किसको बताऊँ मैं। आफत आन पड़ी है, सब-कुछ जान पे पड़ी हैl कैसे हैं भगवान, ले ले मेरी जान। कफन ओढ़ मैं सो जाऊँ, घुट-घुट के जीने से बेहतर मर जाऊँl अग्नि की ज्वाला में जल … Read more

स्वामी विवेकानंद आ जाओ

दीपक शर्मा जौनपुर(उत्तर प्रदेश) ************************************************* सो गयी है युवा शक्ति चेतना, उनमें नव रक्त संचार कराने आ जाओ। आज आ पड़ी है जरुरत तुम्हारी, फिर से जग को जगाने आ जाओ॥ धूमिल हो रही है भारतीय संस्कृति, छा रही है जग में विकृति ही विकृति। नव सृजन विज्ञान के युग में, देखो बिलख रही है … Read more

जीना सीखो

महेन्द्र देवांगन ‘माटी’ पंडरिया (कवर्धा )छत्तीसगढ़  ************************************************** जीवन को तुम जीना सीखो,हर पल खुशी मनाओ जी। चाहे कितने संकट आये,कभी नहीं घबराओ जी॥ सिक्के के दो पहलू होते,सुख-दु:ख आनी-जानी है। कभी खुशी तो गम भी आते,सबकी यही कहानी है॥ होना नहीं उदास कभी भी,गीत खुशी के गाओ जी। चाहे कितने संकट आये,कभी नहीं घबराओ जी॥ … Read more

शाम

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* दूर क्षितिज पे, लगे यूँ ऐसे ढलती शाम का ढलता सूरज है अधीर, धरती से मिलने। आसमां की छटा निराली, कुछ उजली कुछ काली-काली, चारों ओर धुँधलका छाया, अब है रात पसरने वाली। ढूंढ रहे हैं पँछी भी देखो, अपना अपना रैन-बसेरा। जड़-चेतन सब थके-थके से, शाम हुई आराम चाहिए, … Read more

झांसी की रानी

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** वीर बाला देश भक्ति का अवतार, रानी लक्ष्मीबाई है उसका नाम। माता-पिता,कुटुम्ब-कबीला धन्य हुआ, धन्य हुई भारत माता महान। बचपन के खेल रानी थे निराले, बरछी भाला तीर कमान तलवार। घुड़सवारी रानी का वाहन, वीरांगना की है जीवंत मिसाल। फिर॔गियों के छक्के छूटे, पीठ पर बंधा लाल। रणक्षेत्र में रणचंडी का … Read more

अपना समय भी आएगा

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** हरदम पतझर नहीं रहेगा, अली कली को खिलाएगा। कहे ‘उमेश’ धैर्य रखो तुम, अपना समय भी आएगा। दुख के बादल अब छँट जायेंगे, नभ-बीच शशि मुस्कुराएगा। कहे उमेश तुम हिम्मत ना हारो, अपना समय भी आएगा। शनैः-शनैः रैना जाएगी, उजाला सुनहरा आएगा। कहे उमेश प्रयास करो तुम, अपना समय भी … Read more

आषाढ़ के बादल

राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** लेकर हल काँधे पर निकल गए भूमिपुत्र सारे, खुशियों को बांटने चले आये आषाढ़ के बादल। माटी की सौंधी-सौंधी महक से झूम उठे खेत, भूमिपुत्रों को मनाने आ गए आषाढ़ के बादल। ये इंद्रधनुषी सपनों को उम्मीदों के पंख लगाने, फिर उमड़-घुमड़ कर आ गए आषाढ़ के बादल। कूप बावड़ी ताल … Read more

संगम बादल-धरती का

सुश्री नमिता दुबे इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************** महक उठी इठलाई धरती, बादल के आलिंगन से। पशु-पक्षी लगे चहचहाने, पेड़-पौधे भी लगे लहलहाने। बारिश से अठखेलियाँ करते, फुदक रहे थे नौनिहाल। धरती के इस अदभुत स्वागत से, फूला नहीं समाया बादल भी आज। स्नेह की बारिश से उसने, भरपूर प्यार लुटाया…। तभी उठे गरम हवा के, गुब्बारे ने … Read more

अस्तित्व गाथा

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* कब तक रखेंगे अपने को अंधेरे में, कब तक छिपते रहेंगे इतिहासों के पन्ने में। कब तक, हमारे अस्तित्व को सच्चाई से दूर, जातिवाद के अंधकार में भटकाया जाएगा, कब तक कोई हिरण्याक्ष, अस्मिता रूपी पृथ्वी को रसातल में छिपाता रहेगा। अब, तोड़ना होगा जातिवाद की कट्टर जंज़ीरों को, लड़ना होगा … Read more

हमारे पिता

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** प्यार और दुलार, सुंदर मीठी बयार ऐसा पिता का प्यार, कैसे करूं उनका गुणगान…। अपनी इच्छाओं को, देकर कुर्बानी हमारी जिंदगी कर दी सुहानी, घर की वो है मजबूत छत होंठों पर रखते मुस्कान। कैसे करूं उनका… हर दर्द की दवा रहे, परिस्थितियों से लड़ते रहे हमको भी समझाते रहे, सही … Read more