जज्बात

ममता बैरागी धार(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** खेल जाते हैं कुछ लोग, बड़ी ही मासूमियत से किसी की जिंदगी से। भूल जाते हैं ऐसे में वह, क्या गुनाह कर जाते हैं। मुस्करा कर फिर बड़ी शान से कहते हैं, हम पर किया भरोसा तोड़ आते हैं। उन्हें यह दिले हाल पता नहीं होता, तभी तो वह जज्बातों को … Read more

अलकनंदा

तृप्ति तोमर  भोपाल (मध्यप्रदेश) ********************************************************************* नील रंग लिए बहती अलकनंदा, जैसे खुले आकाश में पंख फैलाने कोई परिंदा। भागीरथी संग मिल बना पवित्र संगम, असंख्य श्रद्धालुओं का होता समागम। अलकनंदा पावन धरती पर पावन नदी का महातम, अनेक पवित्र नदियों का यहां से होता उदगम। यहाँ कई लोगों का जुड़ा है विश्वास, जहां जाने से … Read more

माता-पिता और गुरु

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ माता-पिता ने पैदा किया,पर दिया गुरु ने ज्ञान, लाड़-प्यार दिया दादा-दादी ने। पर गुरु ने दिया अच्छे बुरा का ज्ञान, उठे हृदय में जब भी विकार। तब उन्हें गुरु ने कर दिया शांत, तभी तो कहता हूँ मैं कि आचार्यश्री हैं इस युग के भगवान। गुरु ही साँस और गुरु ही … Read more

स्त्री

गरिमा पंत  लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** मैं स्त्री हूँ, इसलिए हर सुख-दु:ख सहती हूँ भगवान ने मुझे सहनशील बनाया है, इसलिए सबकी डांट सुनती हूँ क्योंकि,मैं स्त्री हूँ। मुझसे सारी अपेक्षाएं रखी जाती है, जिसे पूरा करना मेरा फर्ज है अगर कोई गलती कर दूं तो, मुझे उलाहना मिलता है क्योंकि,मैं स्त्री हूँ। कोई तकलीफ घर पर … Read more

…तो समझ लेना

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* जब मेरी नज़्में खामोश हो जाएं, जब पुकारना बंद कर दें तुम्हें तो समझ लेना, सो गई हूँ तनहाइयां ओढ़कर, तुम्हारी परछाइयां ओढ़कर…। जब कभी अचानक ही मन बहुत बेचैन हो जाए, तो समझ लेना… कि चली गई हूँ,अपनी बेचैनियां छोड़ कर…। कभी बात-बात पर जो नयन छलक जाएं, तो समझ … Read more

करके मेहनत नाम बना जाऊँगा

शिवम द्विवेदी ‘शिवाय’  इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** घर से निकल के मैं शहर आया जी, जमाने के लिए कुछ कर जाऊँगा। देख-देख सीख-सीख भर जाऊँगा, कुछ करके ही वापस मैं घर जाऊँगा। बाप जी ने मुझे सब-कुछ दे दिया, मैं भी खुद पर मान करा जाऊंगाl घर का है नाम बड़ा मेरे, मैं खुद का भी … Read more

किससे पूछूँ ?

देवेन्द्र कुमार राय भोजपुर (बिहार)  ************************************************************* कौन तय करेगा लक्ष्य हमारे ? मैं,राजनीति हिन्दू,मुसलमान देश या धर्म, किससे पूछकर दीया जलाऊँ ? किससे पूछकर दीप जलाऊँ, कौन करुँ मैं कर्म यहाँ मैं जिऊँ, किसके सहारे। दीपक के पूनम पर आमावस का विचार, अपने ही घर में अपनों से गया हार, अपनी चौखट पर ही बने … Read more

भारत का किरीट

क्षितिज जैन जयपुर(राजस्थान) ********************************************************** उठ भारत! हो जाग्रत,और किरीट सम्हाल अपना, जो झुका सदियों से,उठा सम्मान से भाल अपना। जो हुआ विगत उसकी परत को मन से त्याग दे, गौरव की वीणा में विजय का पुन: तू अब राग दे। झककोर अपने-आपको,जगा अपने संचित बल को, द्युति ले आँखों में,और हृदय खंड में ला अनल … Read more

पर्यावरण की ओढ़नी

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** पेड़ों का है कहना, ना तुम हमें काटना धूप-छाँव का बिस्तर देते, राहगीर की पीड़ा हर लेते फल-फूल का है भंडार, वर्षा में सहायक होते। संजीवनी बन देते प्राण, तादाद बढ़े हमारी करो यह उपकार, पेड़ लगाओ सब बच्चे- बूढ़े और जवान। गंगा माँ स्वर्ग की देवी, भगीरथ का तपोबल महान … Read more

शत-शत नमन

डाॅ.देवेन्द्र जोशी  उज्जैन(मध्यप्रदेश) ******************************************************************** शत-शत नमन है धरा की धूल को, जन्म दिया जिसने बलराम से फूल को। फूल जो मातृभूमि की भेंट चढ़ गया, देख दुश्मन को वो आगे बढ़ गया। बिना रूके बिना डरे लड़ता ही गया, सीना ताने बहादुरी से बढ़ता ही गया। आतंकियों से लड़ते-लड़ते कुर्बान हो गया, माँ का लाड़ला … Read more