कौन देगा हिसाब ?
अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* फिर जल गई कई जिंदगी, कौन देगा हिसाब… बस ढोलेंगे जिम्मेदारी, कौन मानेगा अपनी गलती ? लील गई लापरवाही की आग, मौत से बचने कॆ लिए भी पाई मौत… कोई नहीं मानता,कोई नियम, फिर उजड़ गए फूलों कॆ कई बाग। क्या होगा ! बस खानापूर्ति, देखते रहे ‘सूरत’ में हादसा,लेकर … Read more