सावन
जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* सावन आया झूम कर, रिमझिम करती बारिश आयी। आओ ! सखी झूला झूलें, बागों में हरियाली छायी॥ हँसी-ठिठोली करती सखियां, झूला झूलें मधुर गीतों संग। पंछियों की कलरव के बीच, इंद्रधनुष में छाए सतरंगी रंग॥ बहुत सुहाना मौसम है, चारों ओर हरीतिमा लाली। झूला झूले,क्रीड़ा करे , हँस-हँस कर बजाये ताली॥ … Read more