सावन

जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* सावन आया झूम कर, रिमझिम करती बारिश आयी। आओ ! सखी झूला झूलें, बागों में हरियाली छायी॥ हँसी-ठिठोली करती सखियां, झूला झूलें मधुर गीतों संग। पंछियों की कलरव के बीच, इंद्रधनुष में छाए सतरंगी रंग॥ बहुत सुहाना मौसम है, चारों ओर हरीतिमा लाली। झूला झूले,क्रीड़ा करे , हँस-हँस कर बजाये ताली॥ … Read more

आज हम ना संभले तो..

ममता बैरागी धार(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** जीवन को थोड़ा मथ ले, जितना प्यारा बचपन बीता उतना भविष्य भी हाथ ले। हम रहें या ना रहें, नाम हमारा रहेगा इस जग में क्या कर गये, यहां काम तुम्हारा रहेगा। बचा लो अपना वतन, बिक रहा जो घोटाले में। खुद मिटा रहा मानव, अपनी ही है संस्कृति। पानी के … Read more

जिंदगी

डॉ.नीलम कौर उदयपुर (राजस्थान) *************************************************** बहुत उदास, बहुत बेकरार-सी बेबस-सी है जिंदगी, कभी खुशी की सांझ ना आई, कभी मिली ना हँस के जिंदगी। बस रात का स्याह सफर, दिन की बोझिल साँसों-सी… कट रही है ‘ज़िंदगी।’ जी रहे हैं एक आस में, कभी तो खुश हो कर, दिल का दरवाजा खटखटाकर, बाँह पसारे गले … Read more

बेरोजगार

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* बोझ हूँ धरती का अब लगने लगा है। ना समय ठहरा है, मेरे वास्ते और ना दर किसी का है खुला। देखते मुझको ही, न जाने क्यों लोग सांकल चढ़ा लेते हैं, दरवाजों पर सभी। सूर्य की किरणों से तपता रास्ता चलता रहा मैं, मंजिल तक न पहुंचा मैं … Read more

कितना-कुछ बदल गया हिंदुस्तान में…

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ कितना-कुछ बदल गया अपने हिंदुस्तान में, इसमें खुलकर हो रहा हर चीज का व्यापार। जहां देखो,वही पाओगे विज्ञापन और दामों की सूची, जिस पर दर्शाया गया है हर चीज का दाम। क्या मंदिर-क्या मस्जिद और क्या गुरुद्वारा, कोई भी नहीं बच पाया इस व्यापार से। छोटे-बड़े उत्सव या हो मरण मौत … Read more

शिक्षक की व्यथा

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** कब तक अश्क बहाऊँ मैं, परिवार को भूखे सुलाऊँ मैंl मन में लगी है आग, किसको-किसको बताऊँ मैं। आफत आन पड़ी है, सब-कुछ जान पे पड़ी हैl कैसे हैं भगवान, ले ले मेरी जान। कफन ओढ़ मैं सो जाऊँ, घुट-घुट के जीने से बेहतर मर जाऊँl अग्नि की ज्वाला में जल … Read more

स्वामी विवेकानंद आ जाओ

दीपक शर्मा जौनपुर(उत्तर प्रदेश) ************************************************* सो गयी है युवा शक्ति चेतना, उनमें नव रक्त संचार कराने आ जाओ। आज आ पड़ी है जरुरत तुम्हारी, फिर से जग को जगाने आ जाओ॥ धूमिल हो रही है भारतीय संस्कृति, छा रही है जग में विकृति ही विकृति। नव सृजन विज्ञान के युग में, देखो बिलख रही है … Read more

जीना सीखो

महेन्द्र देवांगन ‘माटी’ पंडरिया (कवर्धा )छत्तीसगढ़  ************************************************** जीवन को तुम जीना सीखो,हर पल खुशी मनाओ जी। चाहे कितने संकट आये,कभी नहीं घबराओ जी॥ सिक्के के दो पहलू होते,सुख-दु:ख आनी-जानी है। कभी खुशी तो गम भी आते,सबकी यही कहानी है॥ होना नहीं उदास कभी भी,गीत खुशी के गाओ जी। चाहे कितने संकट आये,कभी नहीं घबराओ जी॥ … Read more

शाम

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* दूर क्षितिज पे, लगे यूँ ऐसे ढलती शाम का ढलता सूरज है अधीर, धरती से मिलने। आसमां की छटा निराली, कुछ उजली कुछ काली-काली, चारों ओर धुँधलका छाया, अब है रात पसरने वाली। ढूंढ रहे हैं पँछी भी देखो, अपना अपना रैन-बसेरा। जड़-चेतन सब थके-थके से, शाम हुई आराम चाहिए, … Read more

झांसी की रानी

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** वीर बाला देश भक्ति का अवतार, रानी लक्ष्मीबाई है उसका नाम। माता-पिता,कुटुम्ब-कबीला धन्य हुआ, धन्य हुई भारत माता महान। बचपन के खेल रानी थे निराले, बरछी भाला तीर कमान तलवार। घुड़सवारी रानी का वाहन, वीरांगना की है जीवंत मिसाल। फिर॔गियों के छक्के छूटे, पीठ पर बंधा लाल। रणक्षेत्र में रणचंडी का … Read more