कश्मीर का सुनहरा दिन है मेरे यार

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** पत्थरबाज अब भग जाएंगे, राष्ट्रद्रोही लोग अब मिट जाएंगे। अमन-शांति की यही है पुकार, सुधर जाओ कश्मीर के मेरे यार। धारा ३७० हटी,बंधन हट जाएंगे, हिंदुस्तान का कानून एक हो जाएगा। सुनहरे दिन का था इंतजार, खुशियां मना लो मेरे यार। स्वर्ग धरा को अब बनाएंगे, कश्मीर में तिरंगा … Read more

आत्मजा

विजयलक्ष्मी विभा  इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश) ********************************************************* ‘आत्मजा’ खंडकाव्य अध्याय -११ हुई प्रभाती सफल,सुना ज्यों, अंशु खुशी से लगा उछलने ऐसी जीवन संगिनि पाये, मन भीतर से लगा मचलने। भरने लगा उड़ानें ऊँची, ज्यों उसने हो जीती बाजी लगा उसे ज्यों हुई प्रभाती, उसके सँग विवाह को राजी। करने लगा प्रतीक्षा ऐसी, किस पल पहल करे वह आकर … Read more

साथ-साथ…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ कहने को लगता है हम सब साथ-साथ हैं, मगर बुरे वक्त में ही पता चलता है कौन किसके साथ हैl उगते सूर्य को, प्रणाम करना संसार की नियति है, ढलते हुए को नहीं मतलबपरस्त इंसान तब तक ही साथ होता है, जब तक उसका स्वार्थ अधूरा होता हैl … Read more

शहादत की फसल

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* जाने कितनी शहादत ने बोए घाटी में बीज, सत्तर साल से खून से सींच पत्थर गए पसीज फिर से लाली आई है भारत माँ के चेहरे पर, फिर से लगी मणि ज्यों भारत दूल्हे के सेहरे पर। कितनी विधवाओं को मानो सिंदूर मिला है, पुत्रहीन माताओं की गोद शिशु … Read more

उत्सव

रेणु झा ‘रेणुका’ राँची(झारखंड) ******************************************************************* कहां मना पाती हूँ उत्सव उन सबके बिना, वो निकल पड़े अपनी राह मैं निहारती रहती डगर, जब भी वो आएंगे इधर सब मिलकर मनाएंगे उत्सव। अब तो घर सूना दिल भी सूना रहता है, हर आहट पर खटका सबके आने का, उत्सव तो अपनों की खुशियों से सजता है, … Read more

है कैसी बरसात

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ******************************************************************************—- मौसम है बहारों का, रिमझिम-सी फुहारों का तेरी-मेरी बातों का, प्यार भरी मुलाकातों का उभरते जज्बातों का…l मौसम है… छोड़ो सारे गिले-शिकवे, बरखा की बूंदों से मिलेl पत्ते-पत्ते डाली-डाली, कैसे झूम-झूम के मिलेl हाँ मौसम इनसे मिलने का हसरत भरी निगाहों का…। मौसम है… तेरी-मेरी कहानी हो, कुछ यादें पुरानी होl … Read more

आज स्वर्ग में भी क्या नजारा होगा..

संजय बाद्विक ********************************************************** जब सुषमा जी ने अटल जी को बताया होगा कि देश की बेटी उनके स्वप्नों को साकार करके उनके पास पहुँची है, भैया मैं वही सुषमा जिसको संसद में मंत्री का सम्मान दिया,राजनीति के गुरुवर बन कर देशधर्म का ज्ञान दिया। हाँ हाँ भैया वही,वही,जो हर दिन मिथक तोड़ती थी। हाँ जो … Read more

अनुपम व्यक्तित्व

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* इस धरा में पैदा हुए, हैं अनुपम व्यक्तित्व जो उन्हें सलाम करते हैं हम, अपनी छाप छोड़ गए जो। है जूनून जिनमें यहां, लक्ष्य भेद देते हैं वो इस धरा की माटी में, रोज पैदा होते हैं वो। करते हैं विश्वास खुद पे, ऐसा काम करते हैं वो अब्दुल … Read more

कश्मीर से दुनिया में नाम किया

हरीश बिष्ट अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) ******************************************************************************** कश्मीर आजाद हुआ, खतम फसाद हुआ, कश्मीर को सभी मिल, राह नई दीजिएl मोदी जी ने काम किया, दुनिया में नाम किया, शाह का भी सभी लोग, धन्यवाद कीजिएl दोहरी खुशी है मिली, बाँछें हैं सभी की खिली, भर-भर खुशियों के, जाम सभी पीजिएl चहुँओर शांति कर, विकास की क्रांति … Read more

कुछ पाने के लिए..

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** हारना भी जरूरी है,बाज़ी जीतने के लिए, खोना पड़ता है बहुत,कुछ पाने के लिए। मर-मर के कमाता है,लेकर जाएगा क्या, पहचान तो कुछ छोड़,जमाने के लिए। सीखना है चलना तो हवा में मत उड़, ठोकर भी जरूरी है,संभलने के लिए। उजाड़ना जिनकी फितरत,वो क्या जाने, वक्त बहुत लगता है,घर … Read more