स्वार्थ छोड़ दे मानव
अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* स्वार्थ छोड़ दे मानव,वरना मिट जाएगा तू, फिक्र कर जरा धरा की,वरना रोएगा तू। बर्बाद मत कर पेड़,पौधे,पर्यावरण यूँ, अपने प्राण मत और खतरे में डाल तू। जिससे सब-कुछ मिलता,मत कर उसे बंजर यूँ, ये सब मिटा तो,बदले में छाँव कहाँ से लाएगा तू। स्वार्थ की खातिर मत बन अंधा,कर … Read more