समय रहते सम्भल जाओ
जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* मुझको लगते हैं प्यारे, वन्यजीव देखो हमारे। अब इनको बचाना है, बचेंगे तभी वन हमारे॥ क्यों लगाते हो आग वन में, क्यों पहुँचाते हो नुकसान। पर्यावरण सरंक्षण के लिए, बनाओ इनको भी अभियान॥ लुप्त हो रही है प्रजातियां, सब अपने मोह और लालच में। समय रहते सम्भल जाओ, एक जीव नहीं … Read more