आओ कचरा करें

सुनील जैन राही पालम गांव(नई दिल्ली) ******************************************************** आओ कचरा करें। तू मेरा कचरा कर,मैं तेरा कचरा करुं और फिर उस कचरे को एक-दूसरे पर फेंक कर कचरा-कचरा खेलें। कचरा करना बुरा है। हम तो आए दिन किसी-न-किसी का कचरा करते ही रहते हैं। तुम भी आओ,कचरा करो। दूसरे का कचरा तो कोई भी करता है,हिम्‍मत है … Read more

आत्मविश्वास

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************ मैं ईर्ष्या हूँ,मेरी बड़ी बहन का नाम है निंदा,और छोटी का चुगली। हमारा एक भाई भी है जिसे हम प्यार से तनाव कहते हैंl हम चारों भाई- बहनों में बड़ा एका है,हम हमेशा कमजोर व्यक्तियों की तलाश में भटकते हैं। ऐसे व्यक्ति मिलते ही सबसे पहले मैं अपना ताना-बाना उसके चारों … Read more

चूं चूं का जीत ए जश्‍न

सुनील जैन राही पालम गांव(नई दिल्ली) ******************************************************** चुनाव हो गया। चच्‍चा ने भी अपना दूसरा चक्‍कर पार्क का लगाया और बुढ़ापे को जवानी में बदलने वाले उसूल के तहत जूस का एक गिलास गले से नीचे उतारा और फिर पार्क से बाहर निकल लिए। घर जाकर नहा-धोकर तैयार हुए और सेन्‍ट फेंका शरीर पर,जूती पहनी और … Read more

दिल को खुजला रहे हैं

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** जैसे खुजली में या हम किसी दाद में, दिल को खुजला रहे हैं तेरी याद में, भेज दो प्यार के नीम की तुम दवा- तुम खिलाना मिठाई कभी बाद में। परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं जन्म स्थान ग्राम महेशपुर,कुशीनगर(उत्तर … Read more

चूं चूं का `मतदान`

सुनील जैन राही पालम गांव(नई दिल्ली) ******************************************************** जैसे गर्मी बढ़ रही है,पार्क में बरसाती मेंढकों की तरह कसरत करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पहले तो बूढ़े कैलोस्ट्राल कम करने के लिए कमरे को कमर बनाने पर तुले थे,अब तो कमर वाले भी कमरा वालों से प्रतियोगिता करने में लगे हैं। चच्चा पसीने … Read more

मोदी और भीष्म

पवन प्रजापति ‘पथिक’ पाली(राजस्थान) ************************************************************************************** महाभारत तो आप सबने देखी होगी,और उसमें भी गंगापुत्र भीष्म को कौन नहीं जानता। भीष्म को इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था। यानि उन्हें उनकी खुद की इच्छा से ही मारा जा सकता था। युद्ध में उनसे जीत पाना असम्भव ही था। अब यदि मोदी की राजनीति को देखा जाये … Read more

शाप देने का सुख

अरुण अर्णव खरे  भोपाल (मध्यप्रदेश) *********************************************************************** पुरातन इतिहास में निर्मल हृदय,सच्चरित्र और गुणवान व्यक्तियों द्वारा अनैतिक और धर्मविरुद्ध कार्य करने वालों को शाप दिए जाने के अनेक उदाहरण मिलते हैं,पर कलियुग में शाप–लोगों ने पहली बार सुना। जिस कलियुग में चरित्र और हृदय की पावनता का पूरी तरह से टोटा हो,उस युग में शाप दिया … Read more

चूं चूं का चुनावी भूत

सुनील जैन राही पालम गांव(नई दिल्ली) ******************************************************** जवानी में नींद नहीं खुलती और बुढ़ापे नींद आती नहीं। जवानी में जॉगिंग जी का जंजाल लगती है,तो बढ़ापे में जीवन का सार। जवानी में हर काम कर लेंगे की भावना से छोड़ते चले जाते हैं और बुढ़ापे में अभी कर लो कल रहे या नहीं रहें। खैर,इसका मतलब … Read more

दार्शनिक की पाठशाला और मैं

जितेंद्र शिवहरे इन्दौर(मध्य प्रदेश) ********************************************************************* जीवन को भली-भांति जानने और समझने के लिए मुझे एक दार्शनिक की कक्षा में कुछ समय बिताने का सौभाग्य मिला। उन्होंने मेरी मुख मुद्रा को भांप कर पहले मुझसे ही भरी महफिल में सवाल किया-“बेटे! तुम्हारे अनुसार जीवन क्या है ?” मैं चौंका। पहला ही प्रश्न मुझसे पूछकर उन आदरणीय … Read more

व्यथा दर्शन:मोबाईल का गुम होना और नींद का खोना

संजय वर्मा ‘दृष्टि’  मनावर(मध्यप्रदेश) ********************************************************************************** मोबाईल का सभी के पास होना अनिवार्य हो गया। जीवन की आश्यकताओं में मोबाईल भी शामिल हो ही गया। पुराने समय में चिठ्ठी-पत्री कबूतर,और धीरे-धीरे डाक से भेजी जाने के बाद मोबाईल के चलन में आगे। सुबह-शाम मोबाईल हाथों में,शराब की बोतलों पर हानिकारक संदेश लिखा होता है,फिर भी लोग … Read more