प्रेरणा
ताराचन्द वर्मा ‘डाबला’अलवर(राजस्थान)*********************************************** बड़ी बहू को रोते देख, दादी सास से रहा नहीं गया। खटिया से खड़ी हो कर लाठी के सहारे टुक-टुक करती हुई प्रेरणा के पास पहुंच गई। सिर पर हाथ फेरते हुए बोली, “क्या बात है बहू, क्यों रो रही हो”। प्रेरणा दादी सास से लिपट कर फफक- फफक कर रोने लगी। … Read more