बचपन की यादें
विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** एक साथ खेले हैं हमने पलकों में उन्हें छुपाए, सारी-सारी रात जागकर दिल की बात बताएं। हाँ बचपन ऐसे बीत गया शबनम हमसे रूठ गई, कसमें-वादे टूट गए सपने सारे लूट गए। चले गए वो छोड़ के हमसे नाता तोड़ के, यहीं बातें बोल के फिर मिलेंगे सब छोड़ के। उन्हीं … Read more