कामिनी

पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) **************************************************************************** शादी के रिश्तों ने अपनी दस्तक कामिनी की १२ वीं की परीक्षा से पहले ही दे दी। ना जाने कहाँ-कहाँ से रिश्ते आए,मगर कभी घर पसंद नहीं आता तो कभी लड़का..। ये सिलसिला लगभग डेढ़-दो साल तक यूँ ही चलता रहा। मम्मी को भी यही चिंता सताती कि कहीं … Read more

मोटे हो गये

डॉ.जियाउर रहमान जाफरी नालंदा (बिहार) *********************************************************************** खाये इतना सुबह से शाम, मोटे हो गये पतलूराम। नहीं ज़रा-सा अब चल पाते, बैठे-बैठे बस सो जाते। जहां कभी भी वो घर से निकले, पूरा जिस्म कमर से निकले। फिर भी कम कुछ हुआ न खाना, हर शादी में लाज़िम जाना। माँ जब कहती कम कुछ खाओ, दौड़ो … Read more

संवेदनाओं की महक और प्रहार भी है ‘धूप आँगन की’

विजयसिंह चौहान इन्दौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** ‘धूप आँगन की’ सात खण्ड में विभक्त एक ऐसा गुलदस्ता है,जिसमें साहित्यिक क्षेत्र की विभिन्न विधाओं के फूलों की गंध को एकसाथ महसूस करके आनन्द लिया जा सकता है। भारत की ख्यात लेखिका श्रीमति शशि पुरवार ने इस गुलदस्ते को आकार दिया है,जो हिन्दी साहित्य जगत में सशक्त हस्ताक्षर हैं। इन्दौर … Read more

कर्मों का फल 

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** अभिशापित और दुखी हूँ अपने-आप से। जैसे शनि का युद्ध था अपने ही बाप से। कर्मों का फल है दोष कहां पड़ोसियों का, दिन बीत जाता है,डरता हूँ काली रात से। वह कहते मैं सिरे का झूठा हूँ विश्वभर में, और स्वयं मुकर रहे हैं अपनी ही … Read more

शिव महिमा

श्रीमती पुष्पा शर्मा ‘कुसुम’ अजमेर(राजस्थान) **************************************************** शिव शंकर कैलाश में गिरिजा सोहे साथ में, गोद लिये गणपति नंदी पे सवार है। जटा मुकुट शीश पर कटि सोहे बाघम्बर, अर्धचन्द्र भाल पर शीश गंगधार है। भस्म अंग मुण्डमाल भूषण बने हैं व्याल, रुद्राक्षों से सज रहा अदभुत श्रंगार है। शोभित त्रिशूल कर मोहता डमरू स्वर, चढ़े … Read more

मेरी पाक मुहब्बत..

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) *************************************** वो मेरी तस्वीर को, सीने से लगाकर मुहब्बत करती रही। पर मेरे सामने अपनी, मुहब्बत का इजहार करने से डरती रही॥ रची हुई हाथों की मेहंदी से, मेरे नाम की खुशबू बिखरती रही॥ वो पगली हर रोज, आईने के सामने मेरी याद में संवरती रही॥ देखकर किसी को, इश्क-ए-राह … Read more

दस्तक

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* न जाने क्यों ? आज मेरी नींद भटक रही है, तेरी यादों की गलियों में। ढूंढ रही है शायद वो गुज़रे लम्हें, जो गुज़ारे थे कभी साथ तेरे। वो सुबह-सुबह तेरे ख़्यालों की दस्तक, जगाती थी हमें। और वो तेरे हसीन ख़्वाब, सुलाते थे हमें। अब वो ख़्याल न रहे, … Read more

खत्म करो वो धाराएँ…

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** समय की धारा हर पल बहती मानव के अनुकूल, तीन सौ सत्तर कैसी धारा’ बहे सदा प्रतिकूल। जो है निरर्थक नहीं देशहित पैदा करे दुराव, खत्म करो वो धाराएँ जो नहीं राष्ट्र अनुकूल॥ व्याधियों से लड़ते-लड़ते बीते सत्तर साल, बनकर दीमक चाट रहे जो वही बजाते गाल। जुबां खोलने से … Read more

अभिनंदन का अभिनंदन

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** ‘अभिनंदन’ का अभिनंदन है, ऐ वीर तुम्हारा वंदन है। दैत्यों के चंगुल में रहकर भी, तुमने,साहस का किया ना खंडन है। ऐ वीर तुम्हारा वंदन है… अभिनंदन का अभिनंदन है॥ रहकर सर्पों के बीच में, मूँछों को तनिक न झुकने दिया॥ कहकर भारत माता की जय, जिसने वीरता का परिचय … Read more

शहादत

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** आज शहादत वीर की,भूल न जाना यार। हरदम गाएँ गीत को,दो इज्जत सौ बार॥ हरी-भरी ये वादियाँ,इनके दम से होय। करें नमन उस वीर को,आज धरा पर सोय॥ भारत माँ का लाड़ला,लड़ता सीमा पार। देख शहादत आँख भी,भर आई इस बार॥ रोती आज बहन कहीं,कहीं रोय दिलदार। सूनी-सूनी … Read more