चुनावी रथ में सवार दलों की सत्ताकांक्षा

ललित गर्गदिल्ली************************************** आजादी के अमृतकाल के पहले लोकसभा चुनाव की आहट अब साफ-साफ सुनाई देे रही है। भारत के सभी राजनीतिक दल अब पूरी तरह चुनावी मुद्रा में आ गए हैं और इसी के अनुरूप बिछ रही चुनावी बिसात में अपनी गोटियाँ सजाने में लगे दिखाई पड़ने लगे हैं। २०२४ लोकसभा एवं इसी वर्ष होने … Read more

दूर के ढोल सुहावने

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** एक बार हम यूरोप घूमने गए थे। पेरिस से हमने सबको उपहार में देने के लिए छाते खरीदे। उन छातों पर यूरोप के पर्यटन स्थलों के चित्र बने हुए थे। अपनी सभी देवरानियों व सबकी बहू-बेटियों के लिए छाते लाए थे। सबको वो भेंट किए। मेरी बहू का छाता २ बार के … Read more

विरले संत स्वामी रामसुखदास जी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* ऐसा सुना हुआ है कि, परम श्रद्धेय संत स्वामी रामसुखदास जी ने अपने विषय में किसी भी प्रकार का भाव व्यक्त करने की मनाही की हुई है, फिर भी उनके निर्वाण दिवस के मौके पर-जब मैं ७-८ साल का था, तब एक दिन अकोला (महाराष्ट्र) में मेरे बाबाजी (ताऊजी) श्रद्धेय बुलाकी … Read more

‘तीस साल लंबी सड़क’ पढ़ते हुए कहानी-उपन्यास के मिश्रित रूप का एहसास

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सिद्धेश्वर पटना (बिहार)************************** सिद्धेश्वर की डायरी…. पटना (बिहार)। बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं डॉ. किशोर सिन्हा, जो अवकाश-प्राप्ति के पश्चात भी कविता, कहानी और आत्मकथा लिखने में अपनी पूरी शक्ति झोंक दिए हैं। उसी का परिणाम है आत्मकथा ‘तीस साल लंबी सड़क’, जिसे पढ़ते हुए कहानी-उपन्यास के मिश्रित रूप का एहसास होता है।        … Read more

बालासोर रेल दुर्घटना का जिम्मेदार यात्री!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* समसामयिक चिंतन… हर दुर्घटना के बाद उस घटना का पोस्टमार्टम किया जाता है। उसके बाद उस घटना की जिम्मेदारी के लिए कर्मचारी, पटरी, चालक, संकेत और मशीनी की गड़बड़ी की जांचें होती है। उसके लिए विभागीय, सीबीआई जांचें आदि होने के बाद कोई दोषी नहीं पाया जाता है या इतनी लम्बी जाँच का … Read more

विश्व को मानव के रहने लायक बनाएँ

रत्ना बापुलीलखनऊ (उत्तरप्रदेश)***************************************** स्वच्छ जमीन स्वच्छ आसमान… खगोलीय दृष्टि से देखा जाए तो हमारा विश्व सौर मंडल की गतिविधि एवं आकर्षण से एक-दूसरे के साथ बँधा हुआ है, जिसे भूमंडल कहा जाता है।इस भूमंडल में जमीन एवं आसमान सभी समाहित है, और इसमें मानव जीवन का भी अपना एक महत्व है।स्वच्छता जिसकी आधारशिला है, बिना … Read more

भारत का ‘इंडिया’ नाम हटाने को लेकर २ मंत्रालयों के बीच संशय

मुम्बई (महाराष्ट्र)। ‘वैश्विक हिंदी सम्मेलन’ तथा ‘जनता की आवाज फाउंडेशन’ सहित कई संस्थाओं द्वारा लंबे समय से भारत देश के नाम के साथ लगे ‘इंडिया’ नाम को हटाने के लिए मांग की जाती रही है। जैन मुनि आचार्य विद्यासागर जी महाराज द्वारा भी इस मांग को रखा गया है। इस बारे में २ मंत्रालयों के … Read more

सदा आईने और परछाई जैसे मित्र रखिए

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ मित्र दिवस (८ जून) विशेष… अक्सर कहा जाता है कि जिंदगी में एक दोस्त जरूर होना चाहिए जिससे आप अपनी मन की बात कह सकें, क्योंकि ऐसी बहुत-सी बातें होती हैं जिन्हें हम परिवार के साथ नहीं साझा कर पाते हैं। हमारे दोस्त हमें बिना जांचे बात सुनते हैं, समझते हैं … Read more

देश की भाषाएँ ही देश की आत्मा

वैश्विक ई-संंगोष्ठी-भाग २… ◾ब्रिगेडियर ए. के. सिंह (मुंबई)-मेरा यह मानना है कि देश की भाषाएँ ही देश की आत्मा हैं। देश केवल भौगोलिक सीमाओं से नहीं बनता, बल्कि अपने ज्ञान-विज्ञान और साहित्य-संस्कृति से बनता है, जिसे आगे लेकर जाती हैं हमारी भाषाएँ। देश की रक्षा केवल सीमाओं की रक्षा से नहीं बल्कि अपनी भाषा संस्कृति … Read more

प्रकृति की चेतावनी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** “दादी! आप कहती हो ना अखबार पढ़ा करो। खबरें सुना करो। आजकल मैं भी रोजाना अखबार भी पढ़ता हूँ। खबरें सुनता हूँ। अब मेरी जनरल नाॅलेज भी आपकी तरह हो गई है।” राहुल ने कहा।“अरे वाह बेटा! यह तो बहुत अच्छी बात है। क्या खबर सुना रहा है?” दादी ने पूछा।राहुल-“आपने मुझे … Read more