विश्‍व प्रेमी व्‍यक्‍तित्व के प्रतीक कवि कबीरदास

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** संत कबीर जयंती (४ जून) विशेष… संत कबीर दास भक्‍तिकाल के एकमात्र ऐसे कवि हैं, जिन्‍होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज सुधार के कार्यों में लगा दिया। कबीर कर्म प्रधान कवि थे, इसका उल्‍लेख उनकी रचनाओं में देखने को मिलता है। कबीर का संपूर्ण जीवन समाज कल्‍याण एवं समाज हित में उल्लेखनीय है। कबीर, … Read more

कटु वाणी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* “क्या हुआ ?”“लक्ष्मी आई है।”“खाक लक्ष्मी आई है। तीसरी बार भी लड़की ही।” और, सासू माँ ने अनिता को वहीं अस्पताल में ही कोसना शुरु कर दिया।शोर-शराबा सुनकर अनिता का ऑपरेशन करके उसके बच्चे की डिलीवरी कराने वाली डॉक्टर बाहर आई और सासू माँ पर गुर्राते हुए बोली-“माँ जी! क्या आप … Read more

गंगा नदी की प्रासंगिकता

रत्ना बापुलीलखनऊ (उत्तरप्रदेश)***************************************** जनमानस का जीवन जल पर ही निर्भर है, अतः नदियों का महत्व सदियों से न केवल भारत में बल्कि पूरे संसार में है। इसलिए प्राचीन काल में लोग नदियों के किनारे ही अपना जीवन-यापन करते थे। हर सभ्यता का प्रमाण हमें नदियों की घाटी से ही मिलता है।नदियों की बात आती है … Read more

सिविल सेवा परीक्षा में इस बार, हिंदी माध्यम की गूंज जोरदार

हिंदी भाषा-माध्यम…. ◾कृष्ण प्रकाश (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, फ़ोर्स वन व वी.आई.पी.सुरक्षा, महाराष्ट्र)⚫हिन्दी माध्यम से संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उत्तीर्ण होने वालों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी से भी कहीं ज़्यादा बढ़ोतरी एक बेहद सुखद एहसास है। २०२३ में जारी संघ लोक सेवा आयोग के परीक्षाफल में हिंदी माध्यम … Read more

प्रकृति की देन-पौधों में मौजूद औषधीय गुण

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* पर्यावरण पर गलत प्रचलनों पर विचार करें तो सबसे पहले धरती के वातावरण के तापमान में लगातार हो रही विश्वव्यापी बढ़ोतरी को रोकने में हम भारतवासी पहल कर विश्व के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।हमें अपनी खेती-बाड़ी में संयम बरतना चाहिए और उचित तो यही रहेगा कि अब जैविक … Read more

आइए, भाषाओं के मान-सम्मान की मुहिम एकसाथ मिलकर लड़ें

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** राष्ट्र में सभी का सम्मान करता हूँ, पर एक बात समझ से परे है कि क्यों आजाद भारत की राष्ट्र भाषा हिन्दी नहीं बनाई गई ? क्यों भारत की प्रतिष्ठित भाषाओं का तिरस्कार करके अंग्रेजी को ही भारत की अघोषित राष्ट्र भाषा घोषित किया गया ? सोचिए।आज जो भी मीडिया अपने … Read more

ज़िम्मेदारी-बोझ नहीं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मीकू ५ साल का था, और चिकी १ वर्षीय उसकी छोटी बहन। उनके पिता तो थे नहीं, पर माँ मीकू पर चिकी की देखभाल की जिम्मेदारी छोड़कर मजदूरी करने जाती थी।मीकू भी पूरी जवाबदारी से यह जिम्मेदारी निभाता था।वह दिन भर खेलता रहता, पर बहन का पूरा ध्यान रखता था। जब … Read more

भवनों में भुवन लोकतंत्र भवन

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* सर्वप्रथम स्व. वीर सावरकर और श्रेष्ठ नायक व सफल राजनेता स्व. एनटीआर को श्रद्धांजलि अर्पित।    गुण कभी नहीं मिटते, चाहे स्थिति वंश औपनिवेशकों से क्षमायाचना की बात की हो। मुख्य लक्ष्य प्राप्ति के समक्ष सब-कुछ फीका ही रहता है। दूसरी प्रसन्नता इस बात की कि, आज का दिन नए भारत निर्माण … Read more

अपने बच्‍चों से व्यवहार में रखें समझदारी

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** वर्तमान में एकल परिवार होने के कारण बच्चों का लालन-पालन अलग ढंग से होना शुरू हुआ। पहले संयुक्त परिवार होने से शिशु किस-किसके पास जाता और मस्ती करता था, वह सबके साथ हिल-मिलकर रहता था।जब भूख लगती थी, तब माँ के पास जाता था। और खाना खाना शुरू होने पर वह दादा- दादी, … Read more

सबने देखा कश्मीर की बदलती तस्वीर को

ललित गर्गदिल्ली************************************** श्रीनगर में जी-२० के पर्यटन कार्यसमूह के सम्मेलन से जम्मू-कश्मीर के बदलते सुखद एवं लोकतांत्रिक स्वरूप, पर्यटन को नई दिशा मिलने एवं बॉलीवुड के साथ रिश्ते मजबूत होने का आधार मजबूत हुआ है। बीते ७५ साल से जो हालात रहे, जिनमें विदेशी ताकतों का भी हाथ रहा है, उसमें एक पनपी सामाजिक शोषण, … Read more