गले मिल गला काटने वाला नापाक चीनी मांझा…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** जिस पतंग को उमंगों का प्रतीक माना जाता रहा हो,आज उसी उन्मुक्त उड़ने वाली पतंग की डोर जानलेवा होती जा रही है। संक्रांति पर स्कूटी पर जा रही एक युवती की जान ऐसी ही एक पतंग के चीनी मांझे ने ले ली। उस बदनसीब की जिंदगी की पतंग उड़ने से पहले ही … Read more

यूक्रेन संकटःभारत की दुविधा

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* इस समय यूक्रेन पर सारी दुनिया की नजर लगी हुई हैं,क्योंकि अमेरिका और रूस एक-दूसरे को युद्ध की धमकी दे रहे हैं। जैसे किसी जमाने में बर्लिन को लेकर शीतयुद्ध के उष्णयुद्ध में बदलने की आशंका पैदा होती रहती थी,वैसा ही आजकल यूक्रेन को लेकर हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन … Read more

कुत्ता कभी नहीं पालूँगी…

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* मेरी गली में रात को कुत्ते बहुत ज़ोर-ज़ोर से भौंक रहे थे। मैंने कारण जानने की उत्सुकता से पति को गहरी नींद से जगाते हुए पूछा, “इतनी रात को ये कुत्ते क्यों भौंक रहे हैं ?“उन्हेोंने कहा, ‘तुम कुत्तों से बहुत डरती हो! सो जाओ,मुझे भी सोने दो,सुबह जल्दी काम पर … Read more

कलयुग का कपड़ा…बर्तन!!

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* जब से हमारे देश में मॉल संस्कृति आई है,तब से देख रहा हूँ कि घर में कपड़ों का ढेरी लगा रहता है। हर तरफ कपड़े ही कपड़े दिखाई पड़ते हैं,यहाँ तक कि कुर्सी और मेज़ पर भी कपड़े रखे रहते हैं। कितनी बार घर वालों को समझाया कि भाई कपड़ों को … Read more

पंजाब:केजरीवाल ने पैर क्यों खींचे ?

राकेश सैनजालंधर(पंजाब)********************************** सांसद भगवंत मान को पंजाब में आम आदमी पार्टी का मुख्यमन्त्री का चेहरा घोषित किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में प्रश्न पूछा जा रहा है कि पार्टी के सर्वेसर्वा दिल्ली के मुख्यमन्त्री अरविन्द केजरीवाल ने इस राज्य में अपने पैर पीछे क्यों खींच लिए ? पिछले ३-४ महीनों से पंजाब की दीवारें … Read more

धर्म और राजनीति में समन्वय आवश्यक

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** ‘राजनीति’ एक ऐसा क्षेत्र है,जो‌ समाज को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सर्वाधिक प्रभावित करता है। ऐसी स्थिति में यदि राजनीति की दिशा और दशा सही नहीं होगी,तो समाज को भारी क्षति पहुँचेगी। इस कारण धर्मतंत्र को चाहिए कि वह राजनीति पर नजर रखे तथा उसके भटकाव को रोके,उसका मार्गदर्शन करे,जन-जागरण करे,आम-जन-मानस … Read more

अंकीय चुनाव:अच्छाई पर सहमति बने

ललित गर्गदिल्ली ************************************** आखिरकार चुनाव आयोग ने ५ राज्यों-उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड,गोवा,पंजाब व मणिपुर के विधानसभा चुनावों की तारीख कोरोना की तीसरी लहर के बढ़ते संक्रमण के बावजूद घोषित कर साहस का परिचय दिया। आयोग ने इससे मुकाबला करने के उपायों को लागू करने की घोषणा भी की है और चुनावों को अधिकाधिक पारदर्शी,लोकतांत्रिक व आदर्श … Read more

जनता की भाषा से कन्नी काटते हिंदी-भाषी राज्य

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** महाराष्ट्र सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय… हाल ही में महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि महाराष्ट्र में तमाम दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नाम अनिवार्यत: मराठी भाषा में देवनागरी लिपि में ही होंगे। पहले भी इस प्रकार का आदेश था,लेकिन अब इसे पूरी गंभीरता से लागू करने का निर्णय … Read more

वृद्धाश्रम की व्यथा

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** ‘ओल्ड एज होम’ का अर्थ होता है, ‘वृद्धाश्रम’ यानी, वृद्धों का आश्रम,अर्थात जहां पर एकसाथ कई वृद्ध स्त्री और पुरुष एक घर में एकसाथ रहते हों। वृद्धाश्रम कोई प्रकृति की देन नहीं है,बल्कि यह उन वृद्धों के वयस्क और जवान पुत्रों,पुत्रवधू और अपने ही परिवार के सदस्यों द्वारा तिरस्कृत वृद्धों का … Read more

हमारी प्यारी हिंदी की वैश्विक चमक

मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश)  ***************************************** ‘विश्व हिंदी दिवस’ विशेष….. एक भाषा के रूप में हिंदी हमारी पहचान है। हमारे जीवन मूल्यों,संस्कृति-संस्कार की संप्रेषक व परिचायक है। हिंदी विश्व की सहज सरल वैज्ञानिक भाषा है। हिंदी अधिक बोले जाने वाली,ज्ञानदायक, प्राचीन सभ्यता-आधुनिक प्रगति के बीच सेतु है।वंदेमातरम की शान है। हिंदी,देश का मान है,हिंदी संविधान का गौरव,भारत … Read more