काज यह विद्वानों का

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** एक बाह्य,एक भीतरद्वंद यहां इंसानों का,भीतर से जो दो करेकाज वह विद्वानों का। संत संतुष्टि हो द्रष्टिगतयुद्ध लड़े हो व्यक्तिगत,अंतर्मन द्वंद हो भारी‘मैं’ से ‘मैं’ तक उत्थानों का। मुख मण्डल हो गोचरविजय पताका ले चला,ललाट ले आभा शोभितनाश कर अभिमानों का। ले मौन चित्त,हो गौन खुदअंतर्मन को करता शुद्ध,तर्क वितर्क खुद से … Read more

वफ़ा निभाने चला हूँ

अनिल कसेर ‘उजाला’ राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)************************************ भूल अपनी मैं भुलाने चला हूँ,बेवफ़ा से वफ़ा निभाने चला हूँ। मोहब्बत में धोखा उसने दिया है,पर बेवफ़ा ख़ुद को बताने चला हूँ। झूठे वादे किए थे मेरे हमसफ़र ने,और मैं खुद को झुठलाने चला हूँ। बरबाद मुझको कोई कैसे करेगा,जब मैं ही सब कुछ मिटाने चला हूँ। ग़म न मिले मेरे … Read more

धागा

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************** धागा है ये प्रेम का,रखना इसे संभाल।टूटे कभी न साथियों,चाहे जो भी हाल॥चाहे जो भी हाल,बचाना है मर्यादा।प्यारा हो सम्बन्ध,कभी कम हो या ज्यादा॥कहे ‘विनायक राज’,प्रेम में हो नहिं कागा।बिखरे कभी न फूल,बनाओ अच्छा धागा॥

इन्सान हैं हम

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** इन्सान हैं हम,मिल-जुलकर करेंएक दूसरे का सदैव सम्मान,यहां हम-सब न करेंआपसी मतभेद व,घमंड व अभिमान। धर्म और संस्कृति में,सबसे ऊपर हैसुन्दर इंसानियत,हम-सब मिलकर एक रहेंजानें और समझें,रहें सदैव दूर-दूरइसके दुष्ट उच्छ्रंखल रंग,जो दिखलाती हैंआज़ की सियासत। धर्म और राजनीति भी,नहीं रहें साथ-साथहम-सब मिलकर दें सदैव,इन्सानियत का साथ। घटनाक्रम चिन्तित कर रहे हैं,झूठ के सौदागर … Read more

अटल बिहारी शान थे

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* अटलबिहारी वाजपेयी विशेष… अटल अटल इंसान थे,रखते थे ईमान।जन-जन के हितकर बने,रखा सभी का ध्यान॥ जीवन में शुचिता लिए,गही सत्य की राह।उनके चोखे काम लख,निकली मुँह से वाह॥ राजनीति सेवा बनी,रखा समर्पण ख़ूब।किए सभी कारज सदा,गहरे में नित डूब॥ अटल बिहारी शान थे,रचे उच्च आयाम।सकल देश करता सदा,उनको सदा सलाम॥ … Read more

५ रचनाकारों को डाॅ. तिवारी स्मृति साहित्य सम्मान

इंदौर(मप्र)। वरिष्ठ शिक्षक और लेखक डाॅ. एस.एन. तिवारी स्मृति साहित्य सम्मान इस वर्ष ५ रचनाकारों को दिया जाएगा। श्रीमती मीरा जैन (उज्जैन),डाॅ. क्रांति चतुर्वेदी (इंदौर),श्रीमती कांता राॅय (भोपाल), डाॅ.प्रदीप उपाध्याय (देवास)व डाॅ. पूजा मिश्रा(धार) का चयन इसके लिए किया गया है।सम्मान के लिए गठित चयन समिति की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा दुबे ने बताया कि श्रीमती … Read more

जो प्यार मिला दे दो

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** इक बार मुहब्बत का,हमको भी सिला दे दो,सबसे न कभी हमको,जो प्यार मिला दे दो। जब चाह तुम्हारी हो,तो और किसे कह दें,इस दिल में जो उल्फत का,इक फूल खिला दे दो। देखा न कभी हमने,कमसिन से नजारों को,इक बार तुम्हीं आकर,दीदार भला दे दो। हसरत न हुई पूरी,तुमसे … Read more

नागरी के अग्रदूत ‘जस्टिस शारदाचरण मित्र’

डॉ. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)************************************* हिन्दी के योद्धा:जन्मदिन (२६ दिसंबर)विशेष कलकत्ता में जन्मे,कलकत्ता में पढ़े-लिखे, कलकत्ता विश्वविद्यालय से एक ही वर्ष में बी.ए. और एम.ए. की परीक्षा देकर दोनों में प्रथम स्थान प्राप्त करके कीर्तिमान बनाने वाले,मात्र २१ वर्ष की उम्र में अंग्रेजी के प्राध्यापक और बाद में कलकत्ता में न्यायाधीश रहे जस्टिस शारदाचरण मित्र(१७ दिसंबर … Read more

नई कहानी

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़रदेवास (मध्यप्रदेश)****************************************** अम्मा एक नई कहानी,मुझको आज सुनाओ न।अपनी मीठी बोली से,मेरा मन बहलाओ न॥ नींद नहीं आती है मुझको,बिन लोरी की तान सुने।बैचेनी रहती है मन में,बिना आपका गान सुने।गीत एक मीठा-सा गाकर,परी लोक ले जाओ न।अम्मा एक नई कहानी,मुझको आज सुनाओ न…॥ सुबह उठूँगी जल्दी अम्मा,काम सभी करवाऊंगी।झाड़ू,पोंछा,बर्तन करके,पानी भी भरवाऊंगी।प्यार … Read more

अबोध कली

स्मृति श्रीवास्तवइंदौर (मध्यप्रदेश)********************************************* सुबह उठकर पौधों के साथ समय बिताना राधा को बहुत पसंद है। रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू और ताजी हवा राधा को अंदर से ऊर्जावान कर देती है। इसलिए राधा अपने दिन की शुरुआत हमेशा बगीचे में समय बिता कर ही करती है। उस दिन भी राधा सुबह-सुबह अपने पौधों में पानी डाल … Read more