आबादी-बर्बादी
डॉ. आशा मिश्रा ‘आस’मुंबई (महाराष्ट्र)******************************************* बढ़ी आबादी,सब हैं परेशाननिकले हल। वक़्त रहते,वक़्त को पहचानरुके बर्बादी। हुए शराबी,खोया घर संसारदुःख की बात। सुनते सभी,गुनते कभी नहींयही ख़राबी। समझें जब,ज़िंदगी की क़ीमतजीना बदलें॥ परिचय–डॉ. आशा वीरेंद्र कुमार मिश्रा का साहित्यिक उपनाम ‘आस’ है। १९६२ में २७ फरवरी को वाराणसी में जन्म हुआ है। वर्तमान में आपका स्थाई … Read more