नारी अब अबला नहीं
संतोष भावरकर ‘नीर’ गाडरवारा(मध्यप्रदेश) *********************************************************** नारी मर्यादा की मूरत है, करुणामई जिसकी सूरत है बहिन का अनमोल प्यार है, पत्नी के रूप में संसार है। नारी को न समझो, तुम अब कोमल जो हर समस्या का, पल में करती है हल। हर क्षेत्र में है वो आगे, दुश्मन भी उससे डर के भागे कभी दुर्गा … Read more