फिर से बच्चे बन जाएं
गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. चलो चलते हैं बचपन के गाँव में, ममता की गोद में,पीपल की छांव में। फिर खेलें वो खेल,फिर चलाएं अपनी रेल, वो लुका-छुपी और पोशम्पा की जेल। वो कागज की नाव,कागज का जहाज, रंग-बिरंगी ये पतंगें,वो कागज के साज। आओ चलो फिर बच्चे … Read more