फिर से बच्चे बन जाएं

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. चलो चलते हैं बचपन के गाँव में, ममता की गोद में,पीपल की छांव में। फिर खेलें वो खेल,फिर चलाएं अपनी रेल, वो लुका-छुपी और पोशम्पा की जेल। वो कागज की नाव,कागज का जहाज, रंग-बिरंगी ये पतंगें,वो कागज के साज। आओ चलो फिर बच्चे … Read more

आज चलो बच्चा बन जाएं

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************ विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. बचपन की वो हँसी ठिठोली, मीठी और तुतलाती बोली परम्परागत खेल निराले, हँसी-खुशी मिलकर के खेलें फिर से वो ही पल दोहराएं। आज चलो बच्चा बन जाएं॥ चिंता-फिक्र नहीं थी कोई, केवल खाना खेलना होई कभी रूठना कभी मनाना, ना ही कोई पराया-अपना स्मृति में … Read more

स्वार्थ से ऊपर उठें

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. कहीं न कहीं, हमें दिख ही जाते हैं ये बाल मजदूर, जो हैं अपनेपन से दूर खो गया है, इनका बचपन उम्र है कम, दिखाते हैं दम क्षमता से अधिक, करते हैं कर्म क्या हमारा कोई, दायित्व नहीं इनके प्रति, समाज का,सरकार का या, सामाजिक … Read more

बचपन

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. हर गलती जहाँ हो जाती थी मेरी माफ, वो बचपन था मेरा कितना प्यारा और साफl नहीं लगता था मुझे डर थामने से किसी की उंगली, अपनी-सी थी वो प्यारी-प्यारी हर गलीl नहीं आती थी कोई शर्म जब आँखों में आती नमी, दिखावटी जग में … Read more

अच्छी सीख

प्रेरणा सेन्द्रे इंदौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. दीवाली के आते ही चौदह साल का बेटा पटाखे के लिए जिद करता था। इस वर्ष भी वही हुआ पटाखे के लिए दीवाली की सुबह मैंने अपने घर के दरवाज़े पर एक गणेश जी की सीनरी टाँगी,जिसे मैंने पन्द्रह साल से संभालकर रखा था,कि नये घर … Read more

बाल अधिकार

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. अक्टूबर में मनाते थे पहले, नवम्बर आया बाद। उन्नीस,सौ,उनसठ में दी थी, संयुक्त राष्ट्र संघ ने सौगात। बच्चों के अधिकारों का ताना-बाना बुना गया, बाल दिवस मनाने को दिन दिन बीस नवम्बर चुना गया। वे हस्ताक्षर समझौतों में बच्चों के अधिकारों हेतु, एक सौ … Read more

वो बचपन के दिन

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) **************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. वो बचपन के दिन भी, क्या अजब निराले थे… हम तन के बेशक काले थे, पर दिल में भरे उजाले थे। छोटी-सी दुनिया थी अपनी, जिसमें ना रिश्तों की मारामारी। खेल-खिलौने ही सब-कुछ थे, जिनमें बसती दुनिया सारी। जिम्मेदारी का बोझ नहीं था,बस मन … Read more

सोच ही सूर-असुुुर

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. जिन्दगी कर्मों का बंधन है, मानव आता-जाता यहीं है जिसकी गोदी में पलता है, उससे भाषा का ज्ञान मिला है ईश्वर की है निर्मल यह रचना, ना प्रकृति ने किया फर्क है जहाँ बसेरा हुआ है तेरा, उसी का तू वासी हैl जिन्दगी कर्मों का बंधन … Read more

बाल वाटिका

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. विश्व बाल वाटिका सदा हरी-भरी रहे, देश के कर्णधार हैं शक्ति की पुकार हैं, सौम्य के भंडार हैं। अभुदय हो नित प्रति, ज्योति प्रज्ज्वलित रहे॥ विश्व बाल वाटिका… तुम जग की ज्योति हो, विश्व की विभूति हो नित नवीनकर्म में, नव सदा स्फूर्ति हो। आशाओं … Read more

बच्चा और चाँद

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. ऐ चाँद हम आये तेरे द्वारे, चलते सागर के किनारे। बादल की ओट में न छिपना, ऐ दोस्त झिलमिल तारेll लहरों में दौड़ लगाओ तुम, हम पीछे-पीछे आयेंगे। ऊपर-नीचे,नीचे-ऊपर, मिलकर के शोर मचायेंगेll नीले अम्बर में रहते तुम, क्यों न जमीं पर आते … Read more