फंसना न इनके दांव में

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ कोयल की कुहू-कुहू कभी कौए की कांव-कांव में। पथ भटके हुओं की मंजिल न किसी गाँव में। दर-दर ठोकरें खायी,हुए पसीने से तर-बतर, थोड़ा ठहरो सुस्ता लो बैठ किसी पीपल की छाँव में। जब पूर्व निश्चित हो जाये जाने का स्थल, तभी रखना पाँव पार करने को किसी नाव में। … Read more

मीरा उवाच

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** प्रीत प्रतीत परम प्रिय पावन,प्रिय पुनीत पुनि प्राण पखेरू। केहि विधि नेह जतावहु कान्हा,मैं पदरज तुम विकट सुमेरूll धरी अधर मुस्कान पिया हित,छलकत नीर नयन मम माहीं। सांवरि सूरत मोहनि मूरत,रूप अनूप बरन नहि जाहींll यहि उपकार करौ तुम कान्हा,हिय मा नेेह निवेदन लीजो। कोटि जनम सुख तुम पर वारौं,मोको … Read more

शांति निकेतन

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** भाग ५….. श्रीनिकेतन क्षेत्र में स्थित ‘सृजनी शिल्पग्राम’ की चर्चा के बगैर शांति निकेतन यात्रा का संस्मरण पूरा नहीं हो सकता…l भव्य प्रवेश द्वार, सुंदर सड़क और सड़क के दोनों तरफ लहराते हरे-भरे पेड़ परिसर के अंदर प्रवेश करते ही मन मोह लेते हैं…l इस शिल्पग्राम की बनावट एक … Read more

काश! ऐसा होता!

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** कोई ना किसी को दु:ख देता, व्यवहार से मन को हर लेता नर के गम को नर हर लेता, सभी हँसते कोई ना रोता… काश! ऐसा होता, काश! ऐसा होता। घर में सबके खुशियाँ होतीं, हँसती बिटिया ना कभी रोती माँ की ममता ना दम तोड़ती, स्त्री का सदा सम्मान … Read more

मेंढक और कछुआ

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** बादल पर जा बैठे, उछलकर मेंढक राजाl मस्ती इतनी आई, लगे बजाने बाजाl पानी इतना बरसा, बादल हो गया खालीl गिर गये मेंढक राजा, कछुए ने बजाई तालीll परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं जन्म स्थान ग्राम महेशपुर,कुशीनगर(उत्तर प्रदेश)है। वर्तमान … Read more

यार खोखले

शिवम द्विवेदी ‘शिवाय’  इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** तू रहने दे तेरे बस का नहीं ये काम,क्यों लगा है जी-जान से, जब मिलना नहीं कुछ ख़ास लगे न मन तेरा सकल बेजान है ए मुसाफिर तू रुकने नाम न ले ये ताने तुझे भरपूर मिलेंगे, राहों में तुझे कुछ मगरूर तो कुछ मजबूर जरूर मिलेंगेl रख हौंसला … Read more

अनंतदास

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** वह आदिवासी लड़का, दिन-दिन भर चढ़ता पहाड़ों पर, चींटियों के साथl उनकी भूख को अपनी हथेली पर सजाता, फिर उतरता पेड़ों से छाँव बनकरl अब शहर में, धोते हुए चाय के कप, गिरती जाती बूँद-बूँद कुएँ मेंl सिहर उठती पीठ, मालिक की आवाज पर दौड़ता,नहीं रूकता एक भी … Read more

बधाईयाँ श्रीराम को

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** आज मुक्त हो राम लला,विजयी बन अधिराज। रामराज्य भारत बने,नव भारत आगाज़ll सच जीता संकल्प दृढ़,जीता कोशल राज। जय श्रीराम जयघोष से,अभिनंदित समाजll लौटी भारत अस्मिता,रामलला सम्मान। महाविजय भारत प्रजा,संघर्षी अरमानll पुलकित है माँ भारती,प्रमुदित जन मन देश। रामलला पा अयोध्या,धन्य हुआ अवधेशll आज विजय है न्याय का,सत्य … Read more

राष्ट्र निर्माता और युगदृष्टा रहे ‘चाचा नेहरू’

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** ‘बाल दिवस’ विशेष………. पंडित नेहरू को उनकी विचारधारा से विरोधी हमेशा असफल व्यक्तित्व के रूप में प्रतिस्थापित किया गया है,पर यह बात जरूर है कि,वर्तमान में भारत की जो भी उन्नति और विकास है,उसके मूल में उनकी सोच का ही प्रतिफल है,जिसे भुलाया जाना संभव नहीं हैl वर्तमान में जो शासक … Read more

इक जंग लड़नी शेष है

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* इक जंग लड़नी शेष है, खुद को नमन अभिषेक है। इस जिंदगी रेस में, आतंक के परिवेश में। फल-फूल रहा है जो, कातिलों के आगोश में। मदहोश है वो, खंजरों के आवेश में। भूल गए कुर्बानियां, आजाद,भगत सुखदेव की। याद करानी होगी उनको, भूल गये हैं जो उन सबको। जोहर … Read more