माँ से कहो कि आश्रम…!

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* मुकुंद आज आने में काफी देर हो गई। हाँ! बस थोड़ा-सा काम आ गया तो यही सोचा पूरा होने पर निकलूं। नीरू किचन की ओर बढ़ते हुए,-“मुकुंद जल्दी फ्रेश हो जाओ,मैं खाना लगाती हूँ।” तुम खाना लगाओ नीरू,बस मैं यूँ गया और यूँ आया। खाना परोसते हुए नीरू कुछ … Read more

धुंध में लिपटी राजधानी

राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** दीपावली के तीन दिन बाद हमारे देश की राजधानी दिल्ली धुंध के काले आवरण से ढँक चुकी थी। दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों से प्रदूषण की दर बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार १६०० बड़े शहरों में दिल्ली प्रदूषण में सबसे आगे है। भारत में दिल्ली के अलावा … Read more

आयकर विभाग द्वारा राष्ट्रपति के आदेश का लगातार उल्लंघन,आम जनता की ई-मेल व शिकायतों पर कार्यवाही नहीं

विषयःआयकर विभाग द्वारा लगातार आम जनता से भाषाई आधार पर भेदभाव करते हुए आयकर विभाग की ऑनलाइन सेवाएं केवल अंग्रेजी में जारी रखने के विरुद्ध लोक शिकायत। महोदय, संसदीय राजभाषा समिति की संस्तुति संख्या ४४ को स्वीकार करने वाले माननीय राष्ट्रपति जी के आदेश को प्रसारित करते हुए राजभाषा विभाग के (राजपत्र में प्रकाशित) पत्रांक-I/२००१२/०७/२००५-रा.भा.(नीति-१) … Read more

कर्मवीर के कदम चूम लें

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** कर्मवीर वह कहलाता जिसकी रुकती नहीं चाल, कर्मवीर वह कहलाता जिसका अनुगामी काल। जिसकी चलती हैं हर साँसें सदा कर्म के साथ- कर्मवीर वह कहलाता,नहीं वृथा बजाए गालll नहीं झुका है नहीं झुकेगा इसका उन्नत भाल, कर्मवीर के कदम चूम लें,ये हैं असली लालll कर्मवीर जिसके पैरों में कर्मों का … Read more

बेसबब ग़ुस्ताख़ियां

प्रदीपमणि तिवारी ध्रुव भोपाली भोपाल(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** (रचना शिल्प: वज़्न-२१२२ २१२२ २१२२ २१२,अर्कान-फाइलातुन×३-फाइलुन) बेसबब है की नहीं ग़ुस्ताख़ियां अक्सर सुनो। जाम बिन आई नहीं मदहोशियां अक्सर सुनो। ज़िल्लतों के बाद हासिल ना ज़मीं औ ना फलक़, ना मिलें क़िस्मत बिना ऊंचाइयां अक्सर सुनो। हर बसर तनहा कलंदर हो सके मुमकिन नहीं, जो बने उसको मिलें तनहाइयां अक्सर … Read more

राम का मंदिर बनाएंगे

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** हाँ,हम इस देश के वासी हैं, इस मिट्टी का कर्ज चुकाएंगे। अयोध्या भूमि की नगरी में, राम का मंदिर बनाएंगे। हिंदू-मुस्लिम हम एक होकर, भाईचारे का फर्ज निभाएंगे। अयोध्या भूमि की नगरी में, राम का मंदिर बनाएंगे। मैत्री की राह बताने को, कृपा के हाथ हम जोड़ेंगे। रामलला की … Read more

अपने-पराये

आशीष प्रेम ‘शंकर’ मधुबनी(बिहार) ************************************************************************** अपनों के अपनेपन को जब-जब मैंने देखा यारों, अपनों ने ही आघात किया अपनों ने किया सौदा यारों। हरदम मैं आस लगाए था, और बदले में कुछ पाया था उन्होंने दिया जो भी मुझको कोई और नहीं दे पाया था। जी हाँ,मैं ये सच कहता हूँ, आप-बीती सब गुनता हूँ … Read more

प्रीत सरसे

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* नेह की सौगा़त पाई, लग गया मन खिलखिलानेl ऋतु सुहानी सावनी में, पवन पुरवाई चली है‌l मेघ छाया कर रहे ज्यों, भीगते आँगन गली हैl मोर वन मन नाचते हैं, फिर चले कैसे बहानेl नेह की सौगात पाई, लग गया मन खिलखिलानेll गंध तन की भा रही ज्यों, गंध सौंधी सावनी-सीl … Read more

फिर ये नजर हो न हो

रूपेश कुमार सिवान(बिहार)  ******************************************************** फिर ये नजर हो न हो, मैं और मेरी तनहाई नजर आएगी, तेरा मुस्कुराता चेहरा यूँ खिलखिलाता, नाम तेरा पूजता रहूं। फिर ये नजर हो न हो… जिंदगी के खेल में, फूलों के मेल में कलियों के साथ, गुलाबों के हाथ तुम मुझे सम्मान दो, या मुझे उफान दो मैं मिलूंगा … Read more

मेरी माँ

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* रोली,चंदन,कुमकुम टीका, हल्दी उबटन मेरी माँ। घर भर में खुशबू-सी फैली, धूप,अगरबत्ती मेरी माँ। सुबह-शाम के भजन कीर्तन, और अजान है मेरी माँ। गुरु ग्रन्थ के हर पन्ने की, गुरुवाणी है मेरी माँ। सूरज की किरणों जैसी ही, रंग-बिरंगी मेरी माँ। तपती दुपहरी हो जाती है, कभी कभी ये … Read more