माँ

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* माँ महानता की मूरत है, माँ है भोली-भाली। माँ वात्सल्य का आगार है, माँ देती खुशहालीll माँ के चरणों में जन्नत है, माँ का हृदय विशाला। माँ देती है बलिदान सदा, माँ ही देत निवालाll माँ सृष्टा की प्रथम सृष्टि है, माँ है सबसे न्यारी। शक्ति का आधार है जननी, … Read more

शांति निकेतन

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** भाग-४……… शांति निकेतन’ के अनुभव को यदि संक्षेप में बताना हो तो कह सकता हूँ कि वहां से लौटने के बाद व्यक्ति के अंदर एक लघु ‘शांति निकेतन’ का निर्माण हो जाता है..। ‘शांति निकेतन’ की स्मृति एक प्रेरणा स्रोत बन कर हमेशा नवनिर्माण के लिए प्रेरित करती रहती … Read more

‍हरियाली की कीमत पर जनसेवकों को नए घर क्यों ?

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** एक तरफ दुनियाभर के वैज्ञानिक पर्यावरण बचाने के लिए अपीलें कर रहे हैं,खुद भोपाल जैसे शहर की हवा प्रदूषित होती जा रही है,वहीं मध्यप्रदेश की इस राजधानी में मौजूदा हरियाली को भी पलीता लगाया जा रहा है। यूँ भोपाल एक विकासशील शहर है,लेकिन लगता है कि यहां तमाम विकास हरियाली की … Read more

महिला शिक्षा के खास हिमायती थे अब्दुल मौलाना कलाम आज़ाद

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** ११ नवम्बर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस विशेष……. राष्ट्रीय शिक्षा दिवस प्रत्येक वर्ष ११ नवम्बर को मनाया जाता है। यह दिवस भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी,प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री और ‘भारत रत्न’ से सम्मानित मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद की स्मृति में मनाया जाता है। भारत में शिक्षा के … Read more

तुम भी तो अनजान नहीं

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** इश्क़ से पहले जिंदगी,यूँ हसीन हुई नहीं ना मैंने कहीं सीखा,तुमने भी बताया नहीं, पूछना चाहा जब भी मैंने तुमसे यह कभी देखने तुम क्यों लगी दूर,बहुत दूर,कहीं। इश्क़ की शुरुआत को परवान चढ़ाऊं कैसे तेरी साँसें अभी तक,अटकी-भटकी वहीं, मुझे तो लगता है कि मंजिल पा ही ली मैंने … Read more

कठपुतली

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** दुनिया एक रंगमंच कृष्णा, हम कठपुतली हाथ उनका। कहते हैं,हम प्रभु परमेश्वर, हाथों जीवन डोर सभी का। उनकी लिखी कहानी जीवन, भ्रम-जाल सब मोह-माया है। सुख-दुःख से न घबराना तू, कभी धूप तो कभी छाया है। मिला जन्म सुंदर दुनिया में, अच्छा काम कर दिखाना है। इतिहास स्वर्णिम है … Read more

ज़रा और भी कुछ निखर जाऊँ मैं

गोविन्द राकेश दलसिंहसराय (बिहार) *************************************************************** ज़रा और भी कुछ निखर जाऊँ मैं, सभी के दिलों में उतर जाऊँ मैं। जिधर खार ही फूल-सा लग रहा, उसी रास्ते से गुज़र जाऊँ मैं। है शह्र हर तरफ़ पत्थरों-सा यहाँ, तभी सोचता हूँ किधर जाऊँ मैं। मिला देवता मंदिरों में नहीं, इबादत करूँ या कि घर जाऊँ मैं। … Read more

कसक

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’ छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************  संघर्षों का ये फल है क्या, बेमतलब कोलाहल है क्या। हमको तुमसे लड़वाएगा, सियासतों का दंगल है क्या। ये जो नफ़रत फैलाते हैं, कोई इनका कायल है क्या। क़ातिल को मेरा बतलाया!! क्या कहता है ? पागल है क्या ? हर मजहब ये सिखलाता है, हिंसा भी … Read more

पाकिस्तान का जन्म

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** हुआ था जन्म जब तेरा, तबाही बहुत मची थी। इंसानियत की सारी हद, पार लोगों ने कर दी थी। भाई-भाई से आपस में, बिना वजह लड़े। पिता यहां और माँ वहां, ऐसा कुछ इतिहास रचा। तभी तो आज तक, भाईचारा पैदा नहीं हो सका। दोनों मुल्क आपस में, लड़े जा रहे … Read more

बाला-मुसीबत बनी हास्य-व्यंग्य का कारण

इदरीस खत्री इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************* अदाकार आयुष्मान खुराना,भूमि पेडनेकर, यामी गौतम,सौरभ शुक्ला और जावेद जाफरी के अभिनय से सजी ‘बाला’ के निर्देशक अमर कौशिक हैं। #पहले छोटी चर्चा- दोस्तों,इंसान की प्रवृत्ति में एक विकार अंतर्निहित होता है,जैसे कि वह गोरा मैं काला क्यों,वह पतला मैं मोटा क्यों, उसके सिर पर बाल घने और मेरे सिर पर … Read more