वास्तु का नया फ़ण्डा

अरुण अर्णव खरे  भोपाल (मध्यप्रदेश) *********************************************************************** पहले लोग जब घर बनाते थे,या खरीदते थे तो उनकी प्राथमिकता होती थी घर में समुचित रोशनी हो,खुला-खुला हो,हवादार हो। बाद में वास्तु के अनुसार घर बनाने और खरीदने की होड़ होने लगी,पर हमारे मित्र पण्डित नरोत्तम देव शर्मा आजकल एक नई समस्या से जूझ रहे हैं,जो उनको वास्तु … Read more

अंतर्मन की आवाज

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** पूछो तो अंतर्मन से अपने, जग में तुमने क्या गंवाया। हर जगह कहता फिरता, ये दुनिया बस मोह-माया। कह देना आसान बहुत है, मुश्किल जीवन में उतारना। गड़गड़ाना अलग बात है, और बादल का बरसना। झूठ ना बोले आत्मा कभी, चाहे चेहरे पे लगा ले नक़ाब। स्वार्थ में इतने … Read more

कारगिल युद्ध की विजय गाथा

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। देख लेंगे जोश कितना बाजू-ए-कातिल में है॥’ भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम के सम्मान के रूप में तथा कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर रणबाँकुरों को श्रद्धांजलि देने के रूप में २६ जुलाई का दिन ‘विजय … Read more

साहित्यकार डॉ.अरविन्द जैन ‘सत्य की मशाल’ से सम्मानित

भोपाल(मध्यप्रदेश)। साहित्यिक पत्रिका ‘सत्य की मशाल’ के वार्षिकोत्सव २०१९ में सामाजिक,साहित्यिक जागरण एवं जन सेवा के लिए प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.अरविन्द पी. जैन (भोपाल) को सनत जैन(प्रबंध निदेशक-ई एम एस भोपाल),श्री कौशर,रमेश शर्मा (वरिष्ठ पत्रकार) और डॉ.मोहन तिवारी द्वारा सम्मानित किया गया। भोपाल के मानस भवन में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में आपको ‘सत्य … Read more

सावन

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* उमड़-घुमड़ जब आता सावन। हृदयतल प्यास जगाता सावन। गरजते बादल,चमकती बिजली, पिया बिन नहीं,लुभाता सावन। नाचे मोर,अरु पपीहा बोले, राग मल्हार सुनाता सावन। लहर-लहर लहराये लहरिया, सावन याद दिलाता सावन। बरसे जब ये घनघोर घटाएं, विरह अगन भड़काता सावन। सखियां झूले पिया संग झूला, मनवा हूक उठाता सावन। अब की … Read more

तुम्हारे हृदय से

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** अपना सुर तुमसे मिलाकर गीत बनाया शब्द सजाकर, गूंज उठे उपवन गुलशन होंठों पर इक लय गुनगुनाकर। अपना… सुगंध से महक गई बगिया फूलों पर आ गई तितलियां, लेने लगी वो भी अंगड़ाईयां दूर हुई सबकी तन्हाईयां। अपना सुर… जबसे तुम्हारा सहारा हुआ हर पल समझो हमारा हुआ, दिल के अंदर … Read more

स्मरण शिखर के संघर्ष का

जीवनदान चारण ‘अबोध’   पोकरण(राजस्थान)  ****************************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. भूले नहीं हम दुर्गम,ऊँचे प्रखर,प्रस्तर,पाषाणों को, माह मई सन् निन्यानवे जिन पर खेला होली को। कारगिल केवल युद्ध नहीं,वीरों की अमर कहानी है, घाटी में लड़ा हर वीर सपूत,माँ भारत का सेनानी है। मिग-२७ संग नचिकेता,अमरीकी जेट जला गया, मातृभूमि की बलिवेदी पर,प्राणों को तिल-तिल चढ़ा … Read more

वीर सैनिकों का शौर्य और सम्मान आज भी अमिट

  अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** आज २० साल बाद भी देश का हर व्यक्ति कारगिल युद्ध की शानदार जीत और हरल्ले देश पाकिस्तान की कायराना हरकतों को भूला नही है। कहना गलत नही होगा कि,भारत ने कारगिल की लड़ाई से पहले और बाद में भी विकास किया है,और अमन की राह छोड़ी नहीं है। … Read more

उलझन

डॉ.सोना सिंह  इंदौर(मध्यप्रदेश) ********************************************************************* कमीशन-नॉन कमीशन का अंतर सुलझता ही नहीं है, सिपाही और अफसर का अंतर बदलता ही नहीं हैl सोलह पन्ने पर करके हस्ताक्षर दोनों निकल पड़ते हैं, देश की राह पर भले ही हो सिपाही या अधिकारी, करना होती है दोनों को देश के प्रति वफादारी, लगाकर जान की बाजी। यु़द्ध हो … Read more

यादों के बंद लिफ़ाफ़े से…

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* यादों के बंद लिफ़ाफ़े से आज एक चिट्ठी यूँ हाथ लगी, सौंधी-सी खुशबू में लिपटी भीने से एहसास में जकड़ी, कोरे कागज पर अंकित इक-इक शब्द ऐसा, जैसे किसी धागे में पिरे मोती भावों और यादों का अनूठा संगम साथ लिए थी, यादों के बंद लिफ़ाफ़े…l इसकी इक झलक … Read more