समाज का सामयिक चित्रण है ‘गणित का पंडित’

रामप्रसाद राजभर केरल ************************************************************* ‘गणित का पंडित’ युवा कहानीकार विक्रम सिंह का प्रकाशित नया कहानी संग्रह है। इस संग्रह में उनकी चर्चित कहानियों में से १४ को चयनित किया गया है। १२४ पृष्ठ की इस पुस्तक को लोकोदय प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। यह कहानियाँ आज के समाज व परिवेश का समकालीन दस्तावेज हैं। समाज … Read more

उत्सव मनाइए

मनोरमा चन्द्रा रायपुर(छत्तीसगढ़) ******************************************************** होली पर्व रंग संग, मना लेवें भीगे तन, हर मन खुशी छायी, उत्सव मनाइये। मिल-जुल सब संग, उमंगित हो मगन, अवगुण का समन, सभी कर जाइये। लग जाये जब रंग, अबीर गुलाल संग, रंग पिचकारी तन, मत घबराईये। भाईचारे का त्योहार, आनंद छाये अपार, मतभेद त्याग कर, गले मिल जाइये। परिचय-श्रीमति … Read more

मैं पतझड़ का फूल

मनीषा मेवाड़ा ‘मनीषा मानस’ इन्दौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************************** नहीं किसी बाग की शोभा, नहीं कोई माली मेरा। निर्जन वन में पड़ा अकेला, ‘मैं पतझड़ का फूल’ विरह अग्नि पल-पल जलता, फिर भी रोज खिला हूँ करता। धू-धूकर जलती है धरती, हवा भी वही रूप धर लेती। सुनकर सूखे पत्तों के सुर-साज, मिटाता हूँ इस मन के त्रास। … Read more

तू है ना

देवेन्द्र कुमार शर्मा ‘युगप्रीत’ अजमेर(राजस्थान) ************************************************************************ सवाल कैसा भी हो,हल हो ही जाता है, तू है ना तो सब हो ही जाता है। इतना भी नही अदीब मैं,कि सब जान सकूँ, गिर्द में तेरे आने पर अफसोस मिट सा जाता है। तू है ना तो सब हो ही जाता है…ll गमगुस्सार जितने थे सब चले … Read more

देश की खातिर…

शरद जोशी ‘शलभ’ धार (मध्यप्रदेश) **************************************************************************** देश की खा़तिर जिएँ हम,देश की ख़ातिर मरें, देश का गौरव बढे़ सब,काम हम ऐसे करें। आपसी मतभेद सारे,जो भी हैं हम भूल जाएँ, एक होकर हम सभी,इस राष्ट्र के ही गीत गाएँ। एकता हो देश में सब,काम हम ऐसे करें, देश की ख़ातिर…॥ जाति का अभिमान हो नहीं,रंग … Read more

होली पर्व पर कई रचनाकार सौहार्द सम्मान से सम्मानित

बाराबंकी(उप्र) | राष्ट्रीय शिवशक्ति साहित्य कला उन्नयन मंच द्वारा संचालित शिवेतरक्षिति साहित्य सृजन मंच बाराबंकी,अवधप्रांत, उत्तर प्रदेश के रचनाकारों द्वारा रंगोत्सव कार्यक्रम किया गया। इसमें कई रचनाकारों को सौहार्द सम्मान से सम्मानित किया गया सृजन मंच की सचिव सुश्री इति शिवहरे ने बताया कि संस्थापक अध्यक्ष प्रणव भास्कर तिवारी ‘शिववीर रत्न’ की उपस्थिति में प्रबंधक … Read more

आशा और आँसू के द्वीप

  डॉ.स्वाति तिवारी भोपाल(मध्यप्रदेश) ********************************************************** किताबों में पढ़ा था,दुनिया के पर्यटन नक़्शे में जिसे कई बार देखा था उसे खुली आँखों से कभी देखूँगी नहीं सोचा था पर समय के पैर किसने देखे ? समय का खेल किसने देखा ? कब समय चक्र हमें यहाँ से वहाँ,वहाँ से यहाँ ले जाए यह कोई नहीं जानता … Read more

व्यथा दर्शन:मोबाईल का गुम होना और नींद का खोना

संजय वर्मा ‘दृष्टि’  मनावर(मध्यप्रदेश) ********************************************************************************** मोबाईल का सभी के पास होना अनिवार्य हो गया। जीवन की आश्यकताओं में मोबाईल भी शामिल हो ही गया। पुराने समय में चिठ्ठी-पत्री कबूतर,और धीरे-धीरे डाक से भेजी जाने के बाद मोबाईल के चलन में आगे। सुबह-शाम मोबाईल हाथों में,शराब की बोतलों पर हानिकारक संदेश लिखा होता है,फिर भी लोग … Read more

बिखरे रंग

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* इस होली पर हमने देखे सबके कैसे कैसे रंग। कुछ माथे,कुछ चेहरे पे चढ़े और कुछ घूमे वस्त्रों के संग। भर पिचकारी मारें बच्चे जिनमें घोले कई हैं रंग। अबीर गुलाल जो बिखरे हैं वो मुस्काते बच्चों के संग। छाप छोड़ गए घर-आँगन में अबकी जो होली के रंग। … Read more

ज्वलन्त समस्या-केबल पर अनचाहे विज्ञापन और धनवृद्धि

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ देश में केबल और विज्ञापन वार चल रहा है। केबल कनेक्शन के साथ विभिन्न पैकेज लेना पड़ रहे हैं और धन भी ज्यादा देना पड़ रहा है। कोई भी चैनल देखो तो बीच-बीच में अनेक विज्ञापन भी देखना पड़ते हैं। आधा घण्टे के धारावाहिक में १० मिनिट के अनचाहे … Read more