बरसात
तृप्ति तोमर `तृष्णा` भोपाल (मध्यप्रदेश) ********************************************************************* बरसात प्रकृति का हसीन एहसास, जैसे दुनिया के खुशी के पल हों पास। पायल की झनकार-सा रोचक-सा संगीत, जैसे इस सुहाने मौसम में मिला हो मनमीत। रंग-बिरंगी फिजाओं से घिरा हो चमन, अपनी अठखेलियों से मनमुग्ध है गगन। रिमझिम बूदों से धरती ने दुल्हन-सा रूप सजाया, जैसे हर ओर खुशियों … Read more