अजन्मी बेटी की पुकार
मनोरमा चन्द्रा रायपुर(छत्तीसगढ़) ******************************************************** मुझे इस धरा पर, माँ तू आने दे। तेरी गोद में खेलकर, आँगन को महकाने दे॥ तेरा ही अंश हूँ, रक्त से तेरे पल रही। मेरी नन्हीं मुस्कान को, काहे तू रौंद रही॥ बेटी,बहन,बहू,माँ बन, कई रिश्ते निभाऊंगी। तेरी लाड़ली कहा जग में, खुशियाँ मैं फैलाऊंगी॥ माँ जैसे पावन रिश्ते को, … Read more