मैं शिक्षक अति साधारण

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** शिक्षक दिवस विशेष………. मैं शिक्षक अति साधारण, देखता हूँ सदा मैं बच्चों को सुहृदय कोमल और दिल के सच्चों को, करता मैं इनकी समस्याओं का निवारण… मैं शिक्षक अति साधारण। मैं शिक्षक अति साधारण, ना मैं डाॅक्टर ना मैं कलेक्टर ना मैं जवान-ना मैं किसान, ना मुझमें शहीदों-सा … Read more

जरूरी है

मोनिका शर्मा मुंबई(महाराष्ट्र) ***************************************************************** मुकम्मल नहीं होती सबको खुशियाँ इसलिए दुखी रहना भी जरूरी है, दिन के उजाले के साथ-साथ… निशा का अंधकार भी जरूरी है। घमंड ज्यादा हो तो ठोकर लगनी भी जरूरी है, सपनों के साथ-साथ… हक़ीक़त की पहचान भी जरूरी है। अच्छे वक़्त की चाह के लिए बुरे वक़्त का होना भी … Read more

बस ऐसी अमर कहानी हो

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ********************************************************** कर्म जीवन ऐसा नूरानी हो, शिक्षा उचित मार्ग सत्य हो कर्तव्य समझ जो सयाना हो, बस ऐसी अमर कहानी हो। दु:ख के पलड़े ना हों भारी, साहस धैर्य की रवानी हो॥ रिश्तों में ध्यान मृदु वाणी हो, छल कपट के ना काँटें हो स्नेह भाव धारा सुहानी हो, … Read more

जन्मकुंडली…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ लोग कहते हैं जोड़ियाँ ईश्वर बनाता है, शास्त्रों में लिखा है हमारी जन्मकुंडली ऊपरवाला बनाता हैl फिर क्यों ? रिश्ते बनते और बिगड़ते हैं, क्यों दिल टूटते हैं ? क्यों अपने ही अपनों से रूठते हैंl क्यों रिश्ते, दाग़दार होते हैं ? क्यों रोज़, यहाँ भावनाओं का व्यापार … Read more

समर्थन

राजकुमार जैन राजन आकोला (राजस्थान) ****************************************************** यह जो मील के पत्थर महज पाषाण नहीं है, गति है,लय है हमारे चलने के साथ जीवन के साक्षी भी बनते हैंl जीवन में कुछ पल अपने अस्तित्व बोध में ऐसे भी होते हैं, जिनमें हम बुद्ध बन जाने को विवश होते हैंl खामोशियों में ही मन के सूने … Read more

परिचय

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* किसका परिचय ? कैसा परिचय ? चन्द शब्दों की परिधि में, नहीं बांध सकोगे तुम मुझको। क्या जानते हो तुम मेरे बारे में ? और, क्या जानना चाहते हो ? न पहचान सकोगे तुम मुझको, मैं जो हूँ वो मैं कतई नहीं, और जो मैं हूँ उसे तुम जानते नहीं॥ … Read more

श्रेय उनको,जिन्होंने दिया ज्ञान

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ ५ सितम्बर शिक्षक दिवस विशेष………. आज जो कुछ भी हूँ मैं, इसका श्रेय उन शिक्षकों को जिन्होंने १ से लेकर एमबीए तक पढ़ाया, और यहां तक पहुंचाया। कभी भूल सकता नहीं,उनके योगदान को, इसलिए,सदा में उनकी चरण वंदना करता हूँ॥ माता-पिता ने पैदा किया, पर दिया गुरु ने ज्ञान। तब जाकर … Read more

बादल बरसे

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** बूंदों की रिमझिम के समय, ये बादल बरसे,बादल बरसे। आती थी बस काली घटाएं, कई दिनों तक खूब यह तरसे, मोरों ने जब नाच दिखाया इंद्र देव का मन भर माया, तब जाकर के बादल बरसे। सूर्य देव ने कृपा दिखाई, सागर जी से टेर लगाईl उड़ी लहर जब … Read more

वह प्यारा-सा गाँव

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** मन क्यों उबने लगा दूषित वातावरण हुआ, दिल चाहे कुछ और चलो चलें अबअपने गाँव, कि ओर… चलो चलें अब…। पगडंडी के रास्ते पतली संकरी वो गलियाँ, खेतों में झूमें बालियाँ आमों के लटकते बौर… चलो चलें अब अपने…। बहती हवा सुहानी है खेतों में बहता पानी है, जोड़ी बैलों की … Read more

पावस

दुर्गेश राव ‘विहंगम’  इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************** तरु की डालियाँ झूम उठी, मचल रहे हैं पल्लव सर-सर चलती समीरl मन में उठे उमंग, चलो झूम उठें वर्षा के संगl हर बूंद में हीरे-सा नीर, दादुर बोले टर-टर चम-चम चमके दामिनीl काला मेघ आया चारों ओर वसुधा पर छाया, कल-कल बहती नदिया, खेले संग नीर के मछलियाँl भास्कर … Read more