क्या बेटियाँ ना लाएं…?
नताशा गिरी ‘शिखा’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* दुर्दम्य यौवन बिटिया पर छाया, आँखों की कालिमा गहराई। हाथ पीले कर दो बिटिया के, पास-पड़ोसी ने बात सुनाई॥ बिटिया की आँखों में डर-सा देखा, फिर भी मन ही मन मुस्काई। जगती आँखों से न जाने कितने, रंग-बिरंगे सपने सजाये॥ द्वार से द्वार भटक रहे वर की तलाश में, दाम … Read more