क्या बेटियाँ ना लाएं…?

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* दुर्दम्य यौवन बिटिया पर छाया, आँखों की कालिमा गहराई। हाथ पीले कर दो बिटिया के, पास-पड़ोसी ने बात सुनाई॥ बिटिया की आँखों में डर-सा देखा, फिर भी मन ही मन मुस्काई। जगती आँखों से न जाने कितने, रंग-बिरंगे सपने सजाये॥ द्वार से द्वार भटक रहे वर की तलाश में, दाम … Read more

प्रकृति को बचायेंगे

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) *********************************************************************** एक-एक पेड़ लगायेंगे,प्रकृति को बचायेंगे, पेड़-पौधे लगाकर,शुद्ध हवा सब पायेंगे। पौधे सभी लगायेंगे,ताजे-ताजे फल खायेंगे, सेहत अपना बनायेंगे,सादा जीवन अपनायेंगेll सोनू-मोनू चिंटू-पिन्टू,सब मिलकर पेड़ लगायेंगे, रोज डालेंगे पानी उसमें,प्रकृति को बचायेंगे। चारों तरफ घेरा लगाकर,गाय-बकरी से बचायेंगे, क्यारी बनाकर मिट्टी ड़ालें,नये-नये पौधे लगायेंगेll

बुरा है तो वो बुरा है

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** शमा जो जल उठी थी,मेरे दिल की आग से राख में क्यों ढूंढ रहे हो,निशां इस बात के, अनजान से बने रहना बुरी आदत है आपकी देख ना पाये,हुआ जो नीचे आपकी नाक के। महसूस नहीं किया,छुपे थे आपकी आस्तीन में अब पीट रहे हो लकीरें,भागते हुए साँप के, मेरी … Read more

अब हर भारतवासी समान

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** कश्मीर की कलियां खिलने लगेंगी, वो अब अपने-आपसे मिलने लगेंगी। अम्बर का भी मन नहीं अब दुखी होगा, वहां का जीव-जगत अब सुखी होगा। न अब हमारे तिरंगे का अपमान होगा, अब हर भारतवासी समान होगा। न अब वहां राष्ट्रवाद के झगड़े होंगे, सब समान कमजोर और तगड़े होंगे। अब एक … Read more

हाँ,व्यथित हूँ मैं…

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* देख के भारत माँ को वक़्त ये बोला- अंग-अंग है झूम रहा तेरा,छाई चहुँओर खुशहाली है, फिर क्यों व्यथित,क्यूँ आँख में तेरी पानी है ? बोली भारत माँ-“हाँ हूँ व्यथित मैं” मैं व्यथित हूँ उस बच्ची के लिए… जिसने सीखी थी अभी-अभी बोली, हवस के भूखे दरिंदों ने … Read more

जवानों को सलाम

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ सलाम करते हैं हम, उन वीर जवानों को। जिनके दम पर हम, घरों में आराम करते हैं। और वो देते हैं पहरा, सीमा पर खड़े होकर। उन्हीं के दम पर हम, अमन-चैन से रहते हैं॥ उन्हें क्या मिलता है, देशसेवा करने से। किसने उनसे पूछा, कभी उनकी मर्जी को। उनके सीने … Read more

स्वाधीन भारत बनाम रक्ष्य वचन पर्व

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** थाल सजाकर बहन कह रही,आज बँधा लो राखी। इस राखी में छुपी हुई है,अरमानों की साखी॥ चंदन रोरी अक्षत मिसरी,आकुल कच्चे-धागे। अगर नहीं आए तो समझो,हम हैं बहुत अभागे॥ क्या सरहद से एक दिवस की,छुट्टी ना मिल पायी ? अथवा कोई और वजह है,मुझे बता दो भाई ? अब आँखों … Read more

सड़क बेचारी

डॉ.दिलीप गुप्ता घरघोड़ा(छत्तीसगढ़) ******************************************************** सड़क बेचारी गूंगी दुखियारी देखती है चुपचुप, आदमी का दु:ख.. आदमी की भूख…, प्रशासन को चुप्प… और महसूसती है हवा का रुखl गिरगिट की तरह घड़ी-घड़ी रंग बदलता आदमी, बोराया;कुकुर-सा भौंकता भागता काटता आदमी, एक-दूजे को चीरते-फाड़ते औ चीरते-फाड़ते आदमी, चुप्प सब देखती है वक्त की मारी, गूंगी बन रहती है … Read more

बदलेगा कश्मीर

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’ बूंदी (राजस्थान) ****************************************************************** ३७० और ३५-ए की बेड़ियां थी जो गल गई, कश्मीर के साथ भारत की भी किस्मत आज बदल गई। पक्ष-अलगाव के जो बैठे थे,अपनों से आज बेगाने हैं, कौन है अपना-कौन पराया,अब तक ना पहिचाने हैं। भारत-मुकुट पर गहरा मेल था,वो भी अब उजल गया, कश्मीर फिजां … Read more

रक्षाबंधन

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- स्नेह भरा आँखों में मन में चली प्यार की आँधी, हर्षित मन से बहना ने भाई को राखी बांधीl माथे पर कुंकुम का टीका राखी भरी कलाई, बहना दे आशीष और ये वचन दे रहा भाईl बहना तेरी राखी का मैं मोल चुका ना पाऊँगा, पर तेरी रक्षा करने … Read more