विवाह

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** चल पड़ती जीवन की गाड़ी, जिंदगी का खूबसूरत ईंधन है। सात जन्मों की सौगात जिसमें, विवाह एक ऐसा पवित्र बंधन है। अंजान एक-दूसरे से फिर भी, नव प्रगाढ़ रिश्तों में बंध जाते हैं। त्याग,समर्पण,स्नेह कुसुम से, जीवन बगिया खूब महकाते हैं। दीपक बाती बनकर जलते ये, रौशन करते सदा … Read more

तुम हो तो…

दृष्टि भानुशाली नवी मुंबई(महाराष्ट्र)  **************************************************************** हँसाने हेतु तुम हो इसलिए हँसना चाहती हूँ, अश्रु पोंछने हेतु तुम हो तो रोना चाहती हूँ। सुनने के लिए तुम हो तो अल्फाज़ों के गीत गाना चाहती हूँ, सुनाने के लिए तुम हो तो लफ्जों की अंताक्षरी सुनना चाहती हूँ। तालियों की बरसात करने हेतु तुम हो इसलिए नृत्य … Read more

देश को आलोकित कर गई

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** माँ भारती माँ पुकारती, तेरी होगी जय जयकार। फूलों जैसी जिंदगी थी, चेहरे में मुस्कान सजी थी। सुषमा जी अब बिछुड़ गई, लोगों की आँखें नम कर गई। राजनीति की यह धरोहर, देश को आलोकित कर गई। हौंसला बुलंद रखती थी, चंदन बन के महकती थी। भारत की ओ … Read more

राखी की सौंधी सुगंध

मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** मेरी प्यारी बहना एक ऐसी राखी जरुर ले आना, बचपन की यादों की सौंधी सुगंध मुझको तू दे जानाl राखी का उत्साह देखा था मैंने सुबह उठकर जल्दी माँ से, तोतले बोल रूपए माँगे थे तूने याद है आज भी मुझे, राखी न दे पाई बेबस माँ… सफ़ेद धागे को कुमकुम … Read more

कैसे पार जाऊं मैं…

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** जग बना आग का दरिया, कैसे तुझे बतलाऊं मैं। नाव है खेवनहार नहीं, कैसे पार जाऊं मैं। हूँ अपनों की महफ़िल में, पर बेगाना कहलाऊं मैं। कोई नहीं तेरे सिवा, मन को कैसे समझाऊं मैं। पाया रब दिल के पास तुझे, खुशियों से कैसे झूम न जाऊं मैं॥ परिचय –अनिल … Read more

ख्यालों के सिवा

श्रीकांत मनोहरलाल जोशी ‘घुंघरू’ मुम्बई (महाराष्ट्र) *************************************************************************** खराब से और खराब क्या होगी, जिन्दगी तू इससे खराब क्या होगी। दिल टूटा तो मैं रोया भी ना था, तू दर्द के सिवा और क्या होगी। मुझे मंजूर है तन्हाईयों में रहना, तू अश्क के सिवा और क्या होगी। सुने ना सुने कोई मेरी बातों को, तू इन … Read more

हिन्दुस्तान है महान

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** शांति का प्रतीक धर्मप्रिय सत्यशील,ऐसा देश है हमारा हिन्दुस्तान, सभी मिल-जुल के रहें,दिल की बात खुल के कहें,मन में तनिक भी नहीं अभिमान। जात और पात की ना करे कोई बात,कद्र करते हम सबके जज्बात की, दु:ख और सुख में भी खड़े रहते साथ,ना करते हम चिंता दिन और रात … Read more

लहरा के तिरंगा भारत का

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** लहरा के तिरंगा भारत का हम आज यही जयगान करें, यह मातृभूमि गौरव अपना फिर क्यों न इसका मान करें। सिर मुकुट हिमालय है इसके सागर है चरण पखार रहा, गंगा की पावन धारा में हर मानव मोक्ष निहार रहा, फिर ले हाथों में राष्ट्रध्वजा हम क्यों न राष्ट्रनिर्माण करें। … Read more

अलविदा

मोनिका शर्मा मुंबई(महाराष्ट्र) ***************************************************************** कल्ब ये इंतज़ार करता था उस संध्या के आगमन का, जब फोन की घंटी बजती थी आपसी गुफ्त़गू के लिए। अफ़साने की शुरुआत बड़ी हसीन थी क्योंकि,आदिल अत्फ़ का खुमार चढ़ा था, छोटी-छोटी बातों में खुर्रम होने लगे और बिन वज़ह चेहरे पर तबस्सुम रहती। एक दिन वे जाते-जाते खत मेरे … Read more

आजादी संग मनेगी राखी

जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* क्या अजीब संजोग मिला है, आजादी संग मनेगी राखी। तभी दिल में एक प्रश्न उठा है, क्या आजादी अभी है बाकीll कलाई सजेगी राखी से और, तिरंगा गर्व से लहराएगा। भाई-बहन के प्रेम गीत और, हर व्यक्ति राष्ट्रगान गायेगाll भाई देगा वचन बहना को, मरते दम तक रक्षा काl तिरंगा भी … Read more