जीवंतता का पर्याय है रेणु गुप्ता की लघुकथाएं
पटना (बिहार)। हिंदी साहित्य में ‘लघुकथा’ को पूरे देश में विधागत प्रतिष्ठा दिलवाने में बिहार की अहम भूमिका रही है l ‘लघुकथा’ के विकास की जब भी चर्चा होती है, हम स्व. सतीशराज पुष्करणा जी को शिद्दत के साथ याद करते हैं। इसमें दो मत नहीं कि, रेणु गुप्ता के पास अच्छे कथा बीज़ हैं, … Read more