जो देखा वह लिखा, जिसमें सामाजिक विषयों की जीती-जागती तस्वीर
इन्दौर (मप्र)। आशा पूर्णा जी ने अपने जीवन के ८६ वर्ष लेखन में व्यतीत किए। उन्होंने जो देखा वह लिखा, जिसमें तात्कालीन, पारिवारिक, सामाजिक विषयों की जीती-जागती तस्वीर मिलती है। पन्द्रह वर्ष की आयु में विवाह हुआ, इसके पश्चात भी जीवन पर्यन्त कलम चलाती रहीं।मुख्य वक्ता के रूप में पत्रकारिता अध्ययनशाला (देवी अहिल्या विवि) की … Read more