ग़ज़ल को पढ़ने-सुनने के साथ बहर का अभ्यास अत्यंत आवश्यक

hindi-bhashaa

पटना (बिहार)। ग़ज़ल सीखने के लिए मेहनत करने के लिए भी तैयार रहना ज़रूरी है। ग़ज़ल एक अत्यंत अनुशासित विधा है। मेहनत माँगती है और जो इसको स्वीकार कर लेता है, ग़ज़ल उसे भी स्वीकार कर लेती है। कहने से पहले ग़ज़ल को पढ़ने और सुनने के साथ साथ रदीफ़, क़ाफ़िया और बहर का अभ्यास … Read more

संग्रह ‘अंधेरे की आँख’ पर हुई चर्चा

hindi-bhashaa

पटना (बिहार)। वयोवृद्ध साहित्यकार शिवमंगल सिद्धांतकर की कविता में आज भी गजब की ताजगी दिख पड़ती है। नवसर्वहारा सांस्कृतिक मंच और ‘कथान्तर’ की ओर से वरिष्ठ कवि विचारक शिवमंगल सिद्धांतकर के कविता संग्रह ‘अंधेरे की आँख’ और संस्मरण संग्रह ‘संस्मरण संभव’ पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन ‘कथान्तर’ के सम्पादक … Read more

सम्मान हेतु ओमप्रकाश क्षत्रिय चयनित

hindi-bhashaa

नीमच (मप्र)। बाल साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए ‘पंडित हरप्रसाद पाठक बाल साहित्यश्री सम्मान’ प्रति वर्ष दिया जाता है। देशभर से आमंत्रित रचनाकार साथियों की उपस्थिति में मथुरा में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शाल, श्रीफल, सम्मान-पत्र, नगद राशि के साथ सम्मान के लिए ओमप्रकाश क्षत्रिय (रतनगढ़, नीमच) का चयन हुआ … Read more

स्वीकारा भाषा-साहित्य में ‘एआई’ का तकनीकी महत्व, सतर्क रहने की सलाह

hindi-bhashaa

कार्यशाला…. हैदराबाद (तेलंगाना)। केंद्रीय हिंदी संस्थान, विश्व हिंदी सचिवालय, अंतरराष्ट्रीय हिंदी सहयोग परिषद तथा वैश्विक हिंदी परिवार द्वारा ‘हिंदी शिक्षण और कृत्रिम मेधा’ (एआई) विषय पर साप्ताहिक आभासी गोष्ठी आयोजित की गई। इस कार्यशाला के आरंभ में साहित्यकार डॉ. जवाहर कर्नावट द्वारा ‘कृत्रिम मेधा’ से संबन्धित सारगर्भित आरंभिक पृष्ठभूमि प्रस्तुत की गई।हिंदी संस्थान के हैदराबाद … Read more

तरंग गोष्ठी में लिए महत्वपूर्ण निर्णय

hindi-bhashaa

जमशेदपुर (झारखंड)। हिन्दी साहित्य भारती झारखंड इकाई और केन्द्रीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण तरंग गोष्ठी आयोजित की गई। संस्था के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र शुक्ल, केन्द्रीय उपाध्यक्ष आचार्य देवेंद्र देव की उपस्थिति में सदस्यों के परिचय के साथ अनेक महत्वपूर्ण सांगठनिक योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं के संबंध में … Read more

ऐ लम्हें! मुझे याद मत दिलाना…

डॉ.अनुज प्रभातअररिया ( बिहार )**************************** ऐ लम्हें !तुम मुझे याद मत दिलाना,उन लम्हों कीजो मेरी तकलीफ के हों,याद दिलाना तो दिलानाजो मेरी खुशियों की तस्वीर हो। ऐ लम्हें !तुम मुझे याद मत दिलाना,उन लम्हों कीजो मेरी मायूसी के हों,याद दिलाना तो दिलानाजो मेरी ख्वाहिशों की ताबीर हो। ऐ लम्हें !तुम मुझे याद मत दिलाना,उन लम्हों … Read more

मन के मनकों को बिखेरा है हम सबकी झोली में-डॉ. दवे

लोकार्पण…. इंदौर (मप्र)। मनके दो प्रकार से बिखेरे जाते हैं, पहला भाव नकारात्मक होता है जिसमें किसी माला को तोड़कर उसके अस्तित्व को समाप्त करने का भाव प्रधान होता है, लेकिन सोमानी जी की जो काव्यकृति है मन के मनके इसके मनके उनके हृदय में बिखरे थे, जो उनकी डायरियों में एक माला के रूप … Read more

मनुष्य होना कवि होने से बड़ा

hindi-bhashaa

इंदौर। मनुष्य होना कवि होने से बड़ा है। और निर्मल शर्मा एक बेहतरीन मनुष्य है जो एक ऐसे भारतीय समाज की परिकल्पना करते हैं, जो समता पर आधारित हो।रविवार को जनवादी लेखक संघ इंदौर इकाई द्वारा मासिक रचना पाठ में वरिष्ठ कवि कृष्णकांत निलोसे ने इस बात को कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में रेखांकित किया। … Read more

अघोरी पंथ, शक्तिपीठ और महाकुंभ का बहुत ही जानकारी युक्त वर्णन

hindi-bhashaa

चर्चा…. दिल्ली। संतोष जी की भाषा कहीं-कहीं बहुत प्रांजल और बड़ी ईमानदार नज़र आती है। न केवल नागा साधु बल्कि, अघोरी पंथ, शक्तिपीठ और महाकुंभ का बहुत ही जानकारी युक्त वर्णन किया है। निश्चय ही यह नागा साधुओं पर लिखा पहला उपन्यास है।यह बात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ लघुकथाकार बलराम अग्रवाल ने कही। अवसर … Read more

पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिस्पर्धा के लिए रचनाएं आमंत्रित

hindi-bhashaa

इंदौर (मप्र)। पर्यावरण संरक्षण, अनुसंधान एवं विकास केंद्र द्वारा ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के उपलक्ष्य में पर्यावरण संरक्षण साहित्य उत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत साहित्यिक विधाओं में ४ प्रतिस्पर्धा के लिए रचनाएं २८ मई २०२३ तक ली जाएंगी।केन्द्र की सामाजिक एवं शैक्षणिक समन्वयक डॉ. संगीता भारूका ने बताया कि इसके अंतर्गत साहित्यिक विधाओं … Read more