‘आधा आदमी’ का समूचा आख्यान
संदीप ‘सरस’ सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ******************************************************************* उफ़्फ़फ़….इतनी मानसिक,शारीरिक और सामाजिक यंत्रणा! यकीन नहीं होता,यह हमारी ही तरह मनुष्य योनि में जन्म लेने वाले किन्नर समाज के लोग हैं,जो किसी शारीरिक अक्षमता के चलते इतनी उपेक्षा,इतनी वितृष्णा झेलने के लिए अभिशप्त हैं। यकीनन सक्षम कलमकार ‘राजेश मलिक’ के उपन्यास का नाम भले ही ‘आधा आदमी’ है, लेकिन वह … Read more