अंतरिक्ष स्वप्न
श्रीमती पुष्पा शर्मा ‘कुसुम’ अजमेर(राजस्थान) **************************************************** यह कलियुग है, और कलयुग भी। नित नूतन यंत्रों का आविष्कार, पल-पल होता परिष्कार। इनके बल पर ही देखे जाते, अंतरिक्ष में उड़ने के स्वप्न प्राप्त होते नित नूतन अनुभव। खोजे जाते सृष्टि के सूक्ष्म रहस्य, ग्रह,उपग्रहों के भिन्न-भिन्न घनत्व। प्राप्त सूचनाएं संभाव्य, मानव जीवन का निर्वाह नहीं रुकती … Read more