माँ की ममता

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ की ममता है अनमोल ना लगाओ इसका मोल, ऐसी तराजू ना मिलेगी जिसका लगा सके तू मोल। माँ की ममता है अनमोल, ना लगाओ इसका मोलll माँ सृष्टि का सागर है सब गुण से आगर है, माँ नव-नव ज्योत जलाती है काँटे को फूल बनाती है। … Read more

माँ

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ, एक शब्द नहीं… बल्कि, एक सुखद अनुभूति है। जिसका विश्व तो क्या, ब्रह्माण्ड में भी कोई विकल्प नहीं हैll परिचय-इंदु भूषण बाली का साहित्यिक उपनाम `परवाज़ मनावरी`हैl इनकी जन्म तारीख २० सितम्बर १९६२ एवं जन्म स्थान-मनावर(वर्तमान पाकिस्तान में)हैl वर्तमान और स्थाई निवास … Read more

मत जाओ माँ

राजेश पड़िहार प्रतापगढ़(राजस्थान) *********************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… सुनाकर बोल, दिखायेगा कौन आँखें। सागर-सी, गहरी होती है तुम्हारी मौन आँखें। माँ, मैं एक आवाज से आ जाऊंगा दौड़कर। मत जाओ, माँ मुझे छोड़कर। हर बात, तुुम्हारी कभी नहीं मैं टालूँगा। माँ, मैं गलती को छोटे पर भी, नहीं डालूंगा। कुछ कहो माँ, सोई क्यों मुँह … Read more

माँ का स्नेह

मनोरमा चन्द्रा रायपुर(छत्तीसगढ़) ******************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ करती स्नेह अपार, बच्चों पर बरसाती प्यार। पालन-पोषण कर बच्चों का, फर्ज निभा चलाती घर-बार। संकटों से रक्षा करती, नित मेहनत कर पेट भरती। रूठ जाने पर अपने बच्चों को, हँस कर खूब मनाया करती। स्नेही करुणामयी होती माँ, खुद भूखी रह भोजन बनाती। अपने हिस्से … Read more

ममता का आँचल

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ स्वर नहीं मातृत्व की झलक है, माँ शिशु का सृष्टि में प्रथम क्रंदन है माँ वात्सल्य रस का मधुर रस है, माँ सृष्टि का ना आदि-अन्त है। माँ पीड़ा की हरण है, माँ का चुंबन ब्रह्मांड है माँ ममता का समन्दर है, माँ का आँचल सुख … Read more

माँ’ बनकर समझी परिभाषा

वन्दना शर्मा अजमेर (राजस्थान) *********************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… उस दिन प्रसव पीड़ा से गुजरते हुए… बंद पलकों और अधरों से बहते.. कष्ट में छाया था, बस एक ही चेहरा… वह थीं मेरी ‘माँ।’ उस दिन समझ आयी थी… ‘माँ’ की परिभाषा। और जैसे ही परिभाषा समझ आयी, एक नन्हीं कली मेरी गोद में आयी। … Read more

माँ का वचन

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ हूँ मैं तेरा एक जिंदा अंग, नहीं दूंगी तुझे आँसू का संग। जब मेरी इन आँखों का काजल है बिखरा, मैंने याद रखा तुझसे मेरी खुशी का रंग है निखरा। मैं सूखे में और तू गीले में हर रात सोती है, खुद को इसलिए रोका … Read more

मेरी माँ सबसे बढ़कर

सोनू कुमार मिश्रा दरभंगा (बिहार) ************************************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… जननी बन जन्म देकर उसने मुझे यह संसार दिया, दुःख झेला खुद सारा,लेकिन मुझे बहुत प्यार दिया। अमृत जैसे दूध पिलाकर नवजीवन उपहार दिया, मेरे दर्द को लगा सीने से मुझे दर्द का निवार दिया॥ अंगुली पकड़ कर उसने ही मुझे चलना सिखाया, जब भी … Read more

मेरी माँ

अर्चना पाठक निरंतर अम्बिकापुर(छत्तीसगढ़) ***************************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ तू अवर्णित है, करुणा की रागिनी से ध्वनित है। कभी वज्र से भी कठोर, कभी कुसुम कोमल हृदय से निर्मित है। कभी गिरि ह्रदय से फूट निर्झरियों सदृश आरोह, कभी निर्मल शीतल प्राणवत्ता से जीवन संचित है। जीवन के दुर्गम पथ की प्यास और थकान हर … Read more

माता तुम अनुपम

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… प्रकृति का अनुपम उपहार, मातृत्व से भरी कोमल नारl जननी ममतामयी अमृत रसी, कोमलांगी माता शक्ति सारl नित्य कष्ट सह जाये माते, संतान की पीड़ा करती हरणl ममता रोम-रोम में बसती, क्या व्याख्या कैसे हो उदगारl समर्पण माँ का अदभुत भाव, जिसका ना हो … Read more