ईर्ष्या क्यों करता है मानुष

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** जीवन की इस डगर में, उलझन और खटपट है। प्रेम सदभाव के अलावा, झगड़ों का लफड़ा है। ईर्ष्या क्यों करता है मानुष, जब अपनों से बिछड़ जाना है। मत कर इतना भोग-विलास, जीवन में प्रेम जगाना है। घमंड ना कर इस चोले पर, मिट्टी में मिल जाना है। चार … Read more

सतगुरु नमन

दीपक शर्मा जौनपुर(उत्तर प्रदेश) ************************************************* शिक्षक दिवस विशेष……….. जिसने मेरे तन-मन में, ज्ञान का दीप जलाया है। वशिष्ठ-सा बन के गुरु, मुझे राम-सा शिष्य बनाया है। उनकी कृपा से पाया मैंने, विद्या का अनमोल रतन- उस सतगुरू को करता हूँ नमन। बार-बार नमन,शत बार नमन, उस सतगुरु को को करता हूँ हजार नमन॥ जिसने निज … Read more

मुस्कुराने के लिए भी

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** बच्चे खेल रहे थे क्रिकेट अच्छे मूड में, और तभी पड़ोसी आकर छीन ले गया गेंद। पड़ोसिनें तैयार हुईं थीं, जाने के लिये मंदिर अच्छे मूड में, और तभी एक पड़ोसिन का पति ले गया उसकी पत्नी को गुस्से में। रविवार को वह देख रहा था टी.वी. अच्छे मूड में, … Read more

तलाश

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** हर किसी को तलाश मंजिल की, सफर इस कदर तन्हा भीड़ में भी हौंसला, जज्बा उदास। अरमान अंदाज जिंदगी के, जमीं-आसमां जीत का खुमार हार का, शबाब उम्मीद की एक आवाज। नहीं हारना नहीं थकना, लम्हा-लम्हा इश्क जुनून की जिंदगी, ही जमाने में मशहूर। हजारों ख्वाब जिंदगी के साहिल … Read more

तलाश उस परछाई की..

मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** शिक्षक दिवस विशेष…………. गुरूजी कल फिर मैंने एक मनभावन सपना देखा, मुरझाए फूल को हँसते-हँसाते आपका चेहरा ही देखा। पल्लू को कस के पकड़े,पिता की उंगली थामे, था बैठा मैं,न डर था न किसी से नफरत थी हमें उम्र ने दी दस्तक,चल पाठशाला के आँगन में, लिए हाथ कोरी पाटी और … Read more

शिक्षक कितना महान

ममता बैरागी धार(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** शिक्षक दिवस विशेष……………… शिक्षक कितना महान, देख तेरी हस्ती को,तू पहचान। नन्हें-नन्हें बच्चों को किस तरह सिखाता है, जीवन पथ पर किस तरह चलना बतलाता है, अपने-आप में रखकर स्वाभिमान पढ़ा कर औरों का बना तू जीवन। सबसे अच्छा,सबसे प्यारा, यह तेरा कर्म है, इतने पदों पर जा बैठते,वही तेरा धर्म … Read more

मैं शिक्षक निर्माणक हूँ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** शिक्षक दिवस विशेष ………… शिक्षण हेतु बना मैं शिक्षक, नीति-रीति पथ परिपोषित विनयशील हो त्याग समन्वित नवयुग का नव वीक्षक हूँ। नवजातों व नवांकुरों के नवजीवन का संरक्षक हूँ, सिंचन वर्धन ज्ञानामृत से सुफल सुपात्र निर्माणक हूँ। पुराकाल गुरुकुल से लेकर नवयुगीन शिक्षा पद्धति तक, लक्ष्य मात्र शिक्षण … Read more

मैं शिक्षक अति साधारण

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** शिक्षक दिवस विशेष………. मैं शिक्षक अति साधारण, देखता हूँ सदा मैं बच्चों को सुहृदय कोमल और दिल के सच्चों को, करता मैं इनकी समस्याओं का निवारण… मैं शिक्षक अति साधारण। मैं शिक्षक अति साधारण, ना मैं डाॅक्टर ना मैं कलेक्टर ना मैं जवान-ना मैं किसान, ना मुझमें शहीदों-सा … Read more

जरूरी है

मोनिका शर्मा मुंबई(महाराष्ट्र) ***************************************************************** मुकम्मल नहीं होती सबको खुशियाँ इसलिए दुखी रहना भी जरूरी है, दिन के उजाले के साथ-साथ… निशा का अंधकार भी जरूरी है। घमंड ज्यादा हो तो ठोकर लगनी भी जरूरी है, सपनों के साथ-साथ… हक़ीक़त की पहचान भी जरूरी है। अच्छे वक़्त की चाह के लिए बुरे वक़्त का होना भी … Read more

बस ऐसी अमर कहानी हो

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ********************************************************** कर्म जीवन ऐसा नूरानी हो, शिक्षा उचित मार्ग सत्य हो कर्तव्य समझ जो सयाना हो, बस ऐसी अमर कहानी हो। दु:ख के पलड़े ना हों भारी, साहस धैर्य की रवानी हो॥ रिश्तों में ध्यान मृदु वाणी हो, छल कपट के ना काँटें हो स्नेह भाव धारा सुहानी हो, … Read more