ख्यालों के सिवा

श्रीकांत मनोहरलाल जोशी ‘घुंघरू’ मुम्बई (महाराष्ट्र) *************************************************************************** खराब से और खराब क्या होगी, जिन्दगी तू इससे खराब क्या होगी। दिल टूटा तो मैं रोया भी ना था, तू दर्द के सिवा और क्या होगी। मुझे मंजूर है तन्हाईयों में रहना, तू अश्क के सिवा और क्या होगी। सुने ना सुने कोई मेरी बातों को, तू इन … Read more

हिन्दुस्तान है महान

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** शांति का प्रतीक धर्मप्रिय सत्यशील,ऐसा देश है हमारा हिन्दुस्तान, सभी मिल-जुल के रहें,दिल की बात खुल के कहें,मन में तनिक भी नहीं अभिमान। जात और पात की ना करे कोई बात,कद्र करते हम सबके जज्बात की, दु:ख और सुख में भी खड़े रहते साथ,ना करते हम चिंता दिन और रात … Read more

लहरा के तिरंगा भारत का

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** लहरा के तिरंगा भारत का हम आज यही जयगान करें, यह मातृभूमि गौरव अपना फिर क्यों न इसका मान करें। सिर मुकुट हिमालय है इसके सागर है चरण पखार रहा, गंगा की पावन धारा में हर मानव मोक्ष निहार रहा, फिर ले हाथों में राष्ट्रध्वजा हम क्यों न राष्ट्रनिर्माण करें। … Read more

अलविदा

मोनिका शर्मा मुंबई(महाराष्ट्र) ***************************************************************** कल्ब ये इंतज़ार करता था उस संध्या के आगमन का, जब फोन की घंटी बजती थी आपसी गुफ्त़गू के लिए। अफ़साने की शुरुआत बड़ी हसीन थी क्योंकि,आदिल अत्फ़ का खुमार चढ़ा था, छोटी-छोटी बातों में खुर्रम होने लगे और बिन वज़ह चेहरे पर तबस्सुम रहती। एक दिन वे जाते-जाते खत मेरे … Read more

आजादी संग मनेगी राखी

जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* क्या अजीब संजोग मिला है, आजादी संग मनेगी राखी। तभी दिल में एक प्रश्न उठा है, क्या आजादी अभी है बाकीll कलाई सजेगी राखी से और, तिरंगा गर्व से लहराएगा। भाई-बहन के प्रेम गीत और, हर व्यक्ति राष्ट्रगान गायेगाll भाई देगा वचन बहना को, मरते दम तक रक्षा काl तिरंगा भी … Read more

क्या बेटियाँ ना लाएं…?

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* दुर्दम्य यौवन बिटिया पर छाया, आँखों की कालिमा गहराई। हाथ पीले कर दो बिटिया के, पास-पड़ोसी ने बात सुनाई॥ बिटिया की आँखों में डर-सा देखा, फिर भी मन ही मन मुस्काई। जगती आँखों से न जाने कितने, रंग-बिरंगे सपने सजाये॥ द्वार से द्वार भटक रहे वर की तलाश में, दाम … Read more

प्रकृति को बचायेंगे

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) *********************************************************************** एक-एक पेड़ लगायेंगे,प्रकृति को बचायेंगे, पेड़-पौधे लगाकर,शुद्ध हवा सब पायेंगे। पौधे सभी लगायेंगे,ताजे-ताजे फल खायेंगे, सेहत अपना बनायेंगे,सादा जीवन अपनायेंगेll सोनू-मोनू चिंटू-पिन्टू,सब मिलकर पेड़ लगायेंगे, रोज डालेंगे पानी उसमें,प्रकृति को बचायेंगे। चारों तरफ घेरा लगाकर,गाय-बकरी से बचायेंगे, क्यारी बनाकर मिट्टी ड़ालें,नये-नये पौधे लगायेंगेll

बुरा है तो वो बुरा है

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** शमा जो जल उठी थी,मेरे दिल की आग से राख में क्यों ढूंढ रहे हो,निशां इस बात के, अनजान से बने रहना बुरी आदत है आपकी देख ना पाये,हुआ जो नीचे आपकी नाक के। महसूस नहीं किया,छुपे थे आपकी आस्तीन में अब पीट रहे हो लकीरें,भागते हुए साँप के, मेरी … Read more

अब हर भारतवासी समान

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** कश्मीर की कलियां खिलने लगेंगी, वो अब अपने-आपसे मिलने लगेंगी। अम्बर का भी मन नहीं अब दुखी होगा, वहां का जीव-जगत अब सुखी होगा। न अब हमारे तिरंगे का अपमान होगा, अब हर भारतवासी समान होगा। न अब वहां राष्ट्रवाद के झगड़े होंगे, सब समान कमजोर और तगड़े होंगे। अब एक … Read more

हाँ,व्यथित हूँ मैं…

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* देख के भारत माँ को वक़्त ये बोला- अंग-अंग है झूम रहा तेरा,छाई चहुँओर खुशहाली है, फिर क्यों व्यथित,क्यूँ आँख में तेरी पानी है ? बोली भारत माँ-“हाँ हूँ व्यथित मैं” मैं व्यथित हूँ उस बच्ची के लिए… जिसने सीखी थी अभी-अभी बोली, हवस के भूखे दरिंदों ने … Read more