ख्यालों के सिवा
श्रीकांत मनोहरलाल जोशी ‘घुंघरू’ मुम्बई (महाराष्ट्र) *************************************************************************** खराब से और खराब क्या होगी, जिन्दगी तू इससे खराब क्या होगी। दिल टूटा तो मैं रोया भी ना था, तू दर्द के सिवा और क्या होगी। मुझे मंजूर है तन्हाईयों में रहना, तू अश्क के सिवा और क्या होगी। सुने ना सुने कोई मेरी बातों को, तू इन … Read more