नया दर्पण
डोली शाहहैलाकंदी (असम)************************************** आज ज्यों ही विद्यालय से घर आई, बेटा सुधीर आकर बोला-‘बिल पास हो गया।’ ‘…क्या ?’‘…माँ, महिला आरक्षण बिल पास हो गया।’‘…वाह ,सच्ची!’दोनों बैठकर घंटों टेलिविजन पर नजरें गड़ाए रहे, सुनते रहे। देख तो मैं भी रही थी, लेकिन बात-बात में सुधीर का महिलाओं के पक्ष में बोलना मुझे गद-गद कर रहा … Read more