बिखरे मोती
डोली शाहहैलाकंदी (असम)************************************** बनी-बनाई चीजों को तोड़ना और फिर जोड़ के देखना, छोटे भाई के खिलौने को लेकर दूर भाग जाना, कभी स्विच बोर्ड पर हाथ फेरना, तो कभी गैस की मरम्मत करना, कभी टी.वी. के पुर्जे-पुर्जे खोल उससे वाकिफ होना तो कभी रिमोट को ही अपना खिलौना मान बैठना, ऐसा था कुछ सिवान का … Read more