प्रेम का अद्भुत समीकरण ‘दबे पाँव चुपचाप’
डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************** समीक्षा…. प्रेम! मनुष्य की सर्वश्रेष्ठ अभिव्यक्ति…भावनाओं का वो प्रदर्शन है, जहाँ भाषा भी गौंण पड़ जाती है। यही कारण है कि, पारिवारिक, धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक आदि अनुष्ठान अपने अस्तित्व का प्रमाण ढोल-ताशे, नगाड़े, बैंड-बाजे, घुँघरूओं की झंकार, ढोलक की थाप, गीत, नृत्य आदि द्वारा चिल्ला-चिल्लाकर व्यक्त करते हैं। यदि राजस्थान … Read more