अवसरवाद पर घातक प्रहार का अचूक आयुध आका बदल रहे हैं

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय *************************************************************** वैश्विक संस्कृतियों के घालमेल ने उपभोक्तावाद के चंगुल में मानवतावाद को तड़पने के लिए सौंप दिया है। अवसरवाद को कौशल के रूप में परिभाषित किया जाने लगा है। मानव और पशुओं में फर्क मात्र शारीरिक संरचना में रह गया है। ऐसे में लेखनी द्वारा विद्रोह होना स्वाभाविक और आवश्यक भी … Read more

समाज को सकारात्मक परिवर्तन हेतु प्रेरित करेगी धनुष उठाओ हे अवधेश

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय *************************************************************** संत कबीर की उक्ति दु:ख में सुमिरन सब करै…” आज भी प्रयोजन युक्त है। दुखिया है कौन! कबीर बाबा बताते हैं कि,…दुखिया दास कबीर है…।अर्थात् जो समाज के बारे में सोचेगा,वह सामाजिक अवमूल्यन देखकर दुखी अवश्य होगा और एक सामाजिक प्राणी के नाते मनुष्य होने की यह निर्विवाद शर्त भी … Read more

षटरस प्रदान करतीं कविताएँँ जीवन वीणा

राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’टीकमगढ़(मध्यप्रदेश) ********************************************************************* अनीता श्रीवास्तव बहुमुखी प्रतिभा की धनी है। शिक्षण कार्य करने के साथ-साथ साहित्य लेखन में भी रुचि रखती हैं। उनका काव्य संग्रह ‘जीवन वीणा’(अंजुमन प्रकाशन,प्रयागराज) अपने १८४ पृष्ठों के आकार में ढेर सारी कविताओं को समेटे है। इसे लेखिका ने ४ प्रमुख भागों में बाँटा है-भाग-१ में ७७ कविताएँ,भाग-२ में ४६ … Read more

सामाजिक समस्याओं को उकेरता द्वन्द

राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** पटना के रचनाकार कवि आशुतोष कुमार झा ने अपने द्वन्द काव्य संकलन(नई दिल्ली) में सामाजिक समस्याओं को अपनी कविताओं का विषय बनाते हुए भ्रष्टाचार, भुखमरी,बढ़ती महँगाई,मजदूरों के ताजा हालातों के साथ ही देश के विभिन्न त्योहारों व राष्ट्रीय पर्वों पर आधारित रचनाएँ लिखी है। इस संकलन में अंगार से लेकर श्रृंगार … Read more

नव चिंतन,संस्कारों और मूल्यों की ‘स्वप्निल हकीकत’

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** काव्य जहां हमारी भावनाओं को अभिव्यक्ति देता है,तो दूसरी और वह हमारी चेतना को भी झकझोरता है,तथा सामाजिक विषमताओं पर भी आघात करता है। कविताएं जहां एक ओर हमें कोमलता का अहसास कराती हैं,वहीं हमें जीने की कला भी सिखाती है,और अगर कहीं सृजक ‘प्रीति भारती’ जैसी युवा ऊर्जस्वी हो,तो … Read more

माँ से प्यारा नाम नहीं संवेदनाओं से ओत-प्रोत कविताएँ

बुद्धिप्रकाश महावर मनमलारना (राजस्थान) **************************************************** ‘माँ से प्यारा नाम नहीं’ काव्य संग्रह(जयपुर) काव्य जगत में स्थापित एवं वरिष्ठ कवि टीकम बोहरा ‘अनजाना’ की एक संवेदनशील कृति है। माँ शब्द देखने में सबसे छोटा है,परंतु इसकी महानता आकाश से भी ऊंची और गहराई समुद्र से भी अधिक है। पुस्तक का केन्द्र बिंदु माँ को रखना कवि … Read more

‘धुन्ध,धुआँ और धूप’ युगीन परिवेश का यथार्थ निरूपण

पुस्तक समीक्षा ………………. वरिष्ठ कवि सुरेशचंद्र ‘सर्वहारा’ (राजस्थान) यथार्थवाद के अप्रतिम कवि हैं। जीवन की विसंगतियों को जस के तस शब्दों और भावों से समन्वित करके पाठकों के सम्मुख तादृश कर देना इनकी सुपरिचित शैली की विशेषता है। ‘सर्वहारा’ की पुस्तक की प्रथम ३ कविताएँ ‘धूप’, ‘धुन्ध’ और ‘ढलती हुई शाम’ काव्य संग्रह के शीर्षक … Read more

सामाजिक मूल्यों को पोषित करती कृति ‘सपनों के सच होने तक’

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** पुस्तक समीक्षा………………. एक कविता जितनी देर में पढ़ी या सुनी जाती है, उससे हजार गुना अधिक समय में वह कागज पर अवतरित होती है,और उससे भी हजार गुना समय उस विषय को चिंतन-मनन करने में कवि लगाता है। लब्ध प्रतिष्ठित कलमकार राजकुमार जैन ‘राजन’ की कविताओं का दूसरा संग्रह ‘सपनों … Read more

संघर्ष और जिजीविषा का दर्शन है ‘उस औरत के बारे में’

पुस्तक समीक्षा…………… छंदमुक्त काव्य प्राँगण में डॉ. आशा सिंह सिकरवार (गुजरात)की लेखनी स्त्री की समुचित वेदना को स्वर देती जान पड़ रही है। स्त्री उसका संघर्ष,उसकी घुटन उसकी तड़प और इन सब भावों में घुली उसकी जिजीवषा संवेदना के मूक धरातल पर किसी घँटे की प्रतिध्वनि है। नारी जीवन की क्षण-क्षण की यंत्रणा को जैसे … Read more

नई पीढ़ी को उद्वेलित करती है ‘सिंहनाद

‘सिंहनाद’ पुस्तक के सिंह अनुज मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ को बधाई देना चाहता हूँ कि श्रृंगारकाल में आपने सिंहनाद किया। जैसा आपने ‘मनु की कलम से’ में लिखा है कि यह आपकी द्वितीय कृति है। आजाद पूरण सिंह राजावत ने इस कृति की भूमिका लिखते हुए मैथिलीशरण गुप्त के एक कालजयी पद को उद्धत किया … Read more