यौवन-दान

अरुण कुमार पासवान ग्रेटर नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************************* कम अनूठी नहीं है, श्रवण कुमार से, पुत्र-धर्म की कहानी पितृभक्त राजा पुरु की; भीष्म से भी कहीं मार्मिक है यह दान, नहीं है किंतु, लोक मानस में अमर, कथा पुरु के महा-त्याग की। आनन्द,जो जीवन की उपलब्धि है श्रेष्ठतम, उसकी पराकाष्ठा का नाम ही तो है यौवन! और … Read more

चिराग बुझा दे हमें जरूरत नहीं

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) **************************************************** चिराग कब अँधेरों की कमजर्फ़ साजिशों से छला हैl जब तक रहा दम,चीरकर तम शिद्दत से जला हैl फासले मंजिल के दरमियाँ कम ही पड़ते रहे हैं सदा, दिल में बुलंद हौंसलों का जुनून जब भी पला हैl ताकेगी उनको रोशनी की हसीन लड़ियाँ शौक से, आकाश में दल … Read more

दर्पण मेरा मन

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** बहुत दिनों बाद देखा, दर्पण में अपने-आपको एक खामोशी चेहरे पर, आँखों में देखा सूनापन काजल की ना धार है, ना ही किसी की तलाश हैl बहुत दिनों… कुछ रेखाएं माथे पर, बालों की सफेदी देखी मन कहीं फिर को गया, इक दौर जीवन का खो गया उलझे रहे उन रिश्तों … Read more

ऐसा दिन कब आयेगा

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ आस्तीन में पले साँपों को जब तक न कुचला जायेगा, हम परीक्षायें कितनी दे लें,परिणाम कभी न आयेगा। बैठक चर्चायें बातें खूब हुईं और होती भी रहेंगी मित्रों- माँ-बाप पत्नी बहन भाई न रोये,ऐसा दिन कब आयेगाll परिचय–शशांक मिश्र का साहित्यिक उपनाम-भारती हैl २६ जून १९७३ में मुरछा(शाहजहांपुर,उप्र)में जन्में हैंl … Read more

आत्मविश्वास की खोज में

मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** आज कुहसा घना छाया है धरा पर नहीं, दिल,दिमाग और मुझ पर… इस अँधियारी दूब में एक नया पथ ढूंढ रहा हूँ, खुद के अस्तित्व की, नयी पहचान ढूंढ रहा हूँ। मंजिल पाना सुलभ होगा कैसे ? जब पथ पर अपने ही बने, निष्ठूर,क्रूर,कुटिल और ठग-से भाप बन मँडराते हैं, और … Read more

चंद्र,इन्द्र…हम

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* चंद्र इंद्र नभ देव,सदा शुभ पूज्य हमारे। हम पर रहो प्रसन्न,रखो आशीष तुम्हारे। लेकिन मन के भाव,लेखनी सच्चे लिखती। देव दनुज नर सत्य,कमी बेशी जो दिखती। क्षमा सहित द्वय देव,पुरानी बात सुनाऊँ। लिखता रोला छंद,भाव कुछ नये बताऊँ। शर्मा बाबू लाल,सुनी वह तुम्हें सुनाता। बीत गया युग काल,याद फिर से आ … Read more

पानी

हरीश बिष्ट अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) ******************************************************************************** पानी बिन सूखा पड़े,बरसे तो ले डूब। कैसी रचना रच रहा,प्रभु ही जाने खूब॥ प्रभु ही जाने खूब,ईश की महिमा न्यारी। सबके पालन हार,वही है जगत मुरारी॥ कहे कवि हरी सिंह,सभी हैं हम अज्ञानी। दया करो हे नाथ,हुआ सब पानी-पानी॥ पानी ये अनमोल है,देता जीवन दान। व्यर्थ बहाना छोड़ दो,कहना … Read more

धरती का भगवान

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** खेती-बाड़ी जो करे, होता वही किसान। धरती की सेवा करे, धरती का भगवानll धरती का भगवान, सदा ही करे किसानी। रखता इतनी चाह, सुलभ हो दाना पानीll कह डिजेन्द्र करजोरि, कभी जो पीटे छाती। रोये जहाँ किसान, कहाँ हो खेती पातीll परिचय-डीजेंद्र कुर्रे का निवास पीपरभौना बलौदाबाजार(छत्तीसगढ़) में है। … Read more

परमात्मा

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** परमात्मा मन में बसे,देखो आप निहार। पाओगे अंतर हृदय,बैठे वो साकारll सत्य कर्म की राह पर,चलते सबके संग। निराकार साकार भी,इसके अपने रंगll हर प्राणी के उर बसे,शांत चित्त भगवान। कर लो दर्शन आप ही,परमात्मा हो ध्यानll धरती के कण-कण बसे,निराकार गतिमान। जल-थल अम्बर दीप्त है,सरल सौम्य भगवानll … Read more

उनका फोन आया है

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** उनका फोन आया है, वे कह रहे थे आज मुझको करना है कुछ काज, हमें घर पर बुलाया है उनका फोन आया है, उनका फोन आया है। पहले हमें सताते हैं, बाद में प्यार जताते हैं हँसने के लिए उन्होंने, आज एक गीत गाया है उनका फोन आया है, उनका … Read more